हार के बाद भी राहुल का वार- ‘मोदी के गुस्से को प्यार से हराएंगे’

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नई दिल्ली. गुजरात-हिमाचल में कांग्रेस की हार के बाद पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी पहली बार सामने आए. राहुल ने कहा कि गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किये हैं. उन्होंने कहा कि उनका प्रोपेगेंडा अच्छा है, मार्केटिंग अच्छी है… लेकिन अंदर से बौखलाहट थी. मोदी मॉडल खोखला है. राहुल ने आगे कहा कि 3 महीने गुजरात ने और गुजरात की जनता ने मुझे बहुत सिखाया. विपक्ष संग लड़ाई में जितना भी गुस्सा हो, क्रोध हो. उसे आप प्यार से भाईचारे से टक्कर दे सकते हैं. ये गांधीजी ने पहले ही देश को सिखाया था.
चुनाव परिणामों पर राहुल ने कहा कि हमारे लिए ये काफी अच्छी नतीजा है, ठीक है हम हार गए, जीत सकते थे, वहां थोड़ी कमी हो गई. गुजरात की जनता पर उन्होंने कगहा कि वे मोदी जी के मॉडल को स्वीकार नहीं कर रहे हैं. मोदी और बीजेपी ने हमारे प्रचार का जवाब नहीं दिया. राहुल ने कहा कि 3-4 महीने पहले जब हम गुजरात गए तो कहा गया कि गुजरात में कांग्रेस बीजेपी का मुकाबला नहीं कर सकती है. हमने 3-4 महीने कड़ी मेहनत की और नतीजों में आप देख सकते हैं कि बीजेपी को किस तरह झटका लगा है.

राहुल ने आगे कहा कि मोदी जी की विश्विसनीयता पर सवाल उठ गया है, मोदी के साथ विश्वसनीयता की समस्या है. गुजरात में बीजेपी और मोदी जी को संदेश दिया है कि जो गुस्सा आप में है ये आपके काम नहीं आएगा और इसको प्यार हरा देगा. बता दें कि राहुल के पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद आए गुजरात के नतीजों ने कांग्रेस को एक बड़ा झटका दिया है. हालांकि गुजरात में कांग्रेस 80 सीटें लाने में कामयाब रही. यह उसके पिछली बार के 61 के आंकड़े से 19 सीटें ज्यादा हैं. लेकिन पार्टी के कई बड़े नेता अपनी सीट नहीं बचा सके.

बीजेपी गुजरात में मिशन 150 प्लस लेकर चल रही थी लेकिन वह 100 के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच सकी. गुजरात चुनाव में कांग्रेस के साथ कड़े मुकाबले में जीत भले बीजेपी के हाथ लगी हो लेकिन लेकिन अगले साल मार्च में 14 राज्यों के 50 से ज्यादा सदस्यों के चुनाव के लिए होने वाले राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव में पार्टी अपनी 2 सीटें बरकरार नहीं रख पाएगी. अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, 2 अप्रैल 2018 को राज्यसभा के 4 राज्यसभा सदस्य रिटायर हो जाएंगे. गुजरात विधानसभा चुनावों में 99 सीट जीतकर सत्ता में वापसी करने वाली बीजेपी सिर्फ 2 ही सीटें जीत पाएगी. बाकी दो सीटें कांग्रेस के पास जाएंगी. बता दें कि गुजरात में राज्यसभा की एक सीट के लिए 36 विधायकों का वोट जरूरी होता है.

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