नक्सलियों ने स्टेशन पैनल फूंका, मसुदन स्टेशन के ASM व पोर्टर को किया अगवा

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मुंगेर / लखीसराय. नक्सलियों ने मंगलवार की मध्य रात्रि से घोषित अपने एक दिवसीय बिहार-झारखंड बंद के घोषणा के दौरान मंगलवार की मध्य रात 11.30 बजे जहां किऊल-जमालपुर रेल खंड के मसुदन रेलवे स्टेशन के एएसएम मुकेश कुमार एवं पोर्टर निलेंद्र मंडल को अगवा करने के साथ ही मसुदन स्टेशन के पैनल केबल में आग लगा दी. वहीं, चानन प्रखंड की संग्रामपुर पंचायत के उपमुखिया वीरेंद्र कोड़ा को घर से अगवा कर हत्या कर दी.
मसुदन स्टेशन पर नक्सलियों ने मंगलवार की देर रात लगभग 11.30 बजे धावा बोल कर स्टेशन के पैनल व केबल में आग लगा दी. वहीं, स्टेशन के दो कर्मियों एएसएम व पोर्टर को अगवा कर अपने साथ जंगल की ओर लेते चले गये. घटना के बाद रात में परिचालन को रोक दिया गया. इसके बाद लखीसराय के एएसपी अभियान पवन कुमार उपाध्याय के नेतृत्व में जिला पुलिस, एसटीएफ एवं सीआरपीएफ जवान रात के ढाई बजे मसुदन रेलवे स्टेशन पहुंच स्टेशन को कब्जे में लिया तथा जमालपुर से एसएम परमानंद प्रसाद एवं पोर्टर भोला कुमार के मसुदन पर पहुंचने के बाद सुबह 5.40 बजे रेल परिचालन को चालू कराया गया़.

बुधवार की सुबह नक्सलियों ने एएसएम के मोबाइल से ही मालदा मंडल के प्रबंधक को फोन दिन भर के लिए रेल परिचालन रोक देने का निर्देश देते हुए कहा कि अगर रेल परिचालन नहीं रोका गया, तो अगवा किये गये रेलकर्मियों की हत्या कर दी जायेगी. इसके बाद सुबह 7.40 बजे से किऊल-जमालपुर रेलखंड पर रेल परिचालन रोक दिया गया़. इस संबंध में जमालपुर स्टेशन के आरपीएफ निरीक्षक परवेज खान ने बताया कि नक्सलियों ने मालदा रेलमंडल के प्रबंधक को अगवा एएसएम के मोबाइल से ट्रेन परिचालन रोकने की चेतावनी दी. साथ ही कहा कि रेल परिचालन नहीं रोके जाने पर अगवा रेलकर्मियों की हत्या कर दी जायेगी.

नक्सलियों की धमकी के बाद रेल परिचालन को रोक दिया गया है. इससे किऊल-जमालपुर रेलमार्ग पर से गुजरनेवाली ट्रेनें जमालपुर-भागलपुर एवं किऊल-मोकामा रेलमार्ग पर विभिन्न स्टेशनों पर ट्रेनें खड़ी हैं. इस संबंध में जिला के अपर पुलिस अधीक्षक अभियान पवन कुमार उपाध्याय ने बताया कि पुलिस, एसटीएफ व सीआरपीएफ जवान अगवा किये गये रेलकर्मियों की खोज में लगे हुए हैं. फिलहाल रेलकर्मियों की सुरक्षा की दृष्टि से रेल परिचालन को रोक दिया गया है.

उधर, चानन में नक्सलियों ने अपने पूर्व सहयोगी रहे प्रखंड के संग्रामपुर पंचायत के उपमुखिया वीरेंद्र कोड़ा पिता रामदेव कोड़ा को मंगलवार की देर रात घर से अगवा करने बाद हत्या कर जंगल में फेंक दिया है. घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, नक्सलियों ने मंगलवार की रात संग्रामपुर पंचायत के कछुआ कोड़ासी निवासी वीरेंद्र कोड़ा को उस वक्त अगवा कर लिया, जब वह घर में सोये हुए थे. अगवा करने के बाद नक्सली वीरेंद्र को अपने साथ जंगल की ओर ले गये थे. बुधवार सुबह ग्रामीणों ने गांव से लगभग दो किलोमीटर दूरी पर वीरेंद्र के शव देखा. इसके बाद सूचना पुलिस को दी. वीरेंद्र के शरीर पर गोलियों के कई निशान बताये जा रहे हैं.

वीरेंद्र के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार, वीरेंद्र के पिता रामदेव कोड़ा मुंगेर जिला के हवेली खड़गपुर प्रखंड में शिक्षक पद पर कार्यरत हैं. वहीं, वीरेंद्र कुछ वर्ष पूर्व नक्सली संगठन से कुछ समय के लिए जुड़ा था, बाद में वह राजनीति में रूचि लेने लगा और नक्सलियों से नाता तोड़ लिया था. वीरेंद्र उपमुखिया बनने के बाद अपने घर कछुआ कोड़ासी में नहीं रह रहा था. वह मननपुर बाजार में ही किराये पर कमरा लेकर रहता था. विगत कुछ दिन पूर्व ही वह अपने गांव कछुआ गया था़, जिसकी जानकारी मिलने के बाद नक्सलियों ने मंगलवार की रात उसे अगवा करने के बाद हत्या कर दी. एएसपी अभियान पवन कुमार उपाध्याय ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा नक्सलियों के द्वारा ही वीरेंद्र कोड़ा की हत्या की गयी है. पुलिस घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी है.

वहीं दूसरी ओर, एएसएम मुकेश कुमार मुंगेर जिले के धरहरा थाना क्षेत्र के गांव का रहनेवाला है. जबकि, पोर्टर निलेंद्र मंडल भागलपुर जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के गण धनिया का रहनेवाला है. घटना के बाद दोनों कर्मियों के परिजन मसूदन स्टेशन पहुंच चुके हैं. स्टेशन पर ही दोनों रेलवे कर्मियों के परिजन सुबह से ही उनके लौटने का इंतजार कर रहे हैं. घटना के लगभग आठ घंटे बाद जमालपुर रेल जीआरपी के थानाध्यक्ष कृपाशंकर सुबह 5:00 बजे मसुदन स्टेशन पहुंचे. जानकारी के अनुसार, अब तक रेलवे के बड़े अधिकारी, रेलव सुरक्षा बल या जीआरपी के वरीय अधिकारी सुबह आठ बजे तक घटनास्थल पर नहीं पहुंच सके हैं.

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