दोस्त की नाबालिग बेटी को नहाता देखकर डोल गई थी पिता के दोस्तों की नीयत, फिर

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दोस्त की नाबालिग बेटी को नहाता देखकर दोस्तोें की नीयत डोल गई थी, जिसका पता चलने के बाद पिता ने नशे में धुत दोस्तों से बेटी को बचाने की, जिसकी सजा सबको जान देकर चुकानी पड़ी।
भागलपुर । खुले में नहा रही थी किशोरी जिसे देखकर पिता के ही दोस्तों की नीयत डोल गई जिसके बाद सभी दोस्तों ने मिलकर दोस्त की बेटी से दुष्कर्म करने की योजना बनाई। घर में ही बैठकर सबने मछली भात खाया और जमकर ताड़ी पी। नशे में धुत होकर किशोरी से दुष्कर्म की कोशिश की तो पिता, मां और भाई ने किशोरी को बचाने की कोशिश की तो दुष्कर्मियों ने सबको दर्दनाक मौत दी।

झंडापुर ओपी क्षेत्र स्थित महादलित टोले के कनिक उर्फ गायत्री राम को झंडापुर निवासी मोहन सिंह की दोस्ती व दुश्मनी दोनों काफी महंगी पड़ी। दोस्त की बेटी से दुष्कर्म में विफल होने के बाद सबको दर्दनाक मौत दी गई।

यूं शुरू हुई दोस्ती जो बनी तीन मौतों की वजह

दोस्ती के बाद मोहन और कनिक राम साझेदार बने। इसके बाद मोहन का कनिक के घर आना-जाना शुरू हुआ। जहां उसकी नजर कनिक की बेटी बिंदी कुमारी पर पड़ी। मोहन ने इसकी चर्चा अपने दोस्तों झंडापुर के ही कन्हैया झा, बलराम राय, अमन कुमार, मोमिन टोला के मु. महबूबा, मु. सद्दाम, सल्लो सहनी और दयालपुर निवासी अपने एक अन्य मित्र से की।

इसके बाद सभी की चौकड़ी कनिक के घर के आसपास लगने लगी। बिंदी अक्सर घर के बाहर चापाकल पर खुले में स्नान करती थी। इसी बहाने सभी आरोपित उसे ताक-झांक करते थे। ये लोग वहां बैठकर ताड़ी-गांजा का सेवन भी करने लगे। इसमें कनिक राम भी उनके साथ होता था।

घटना से 15 दिनों पूर्व कनिक राम को भनक लगी कि ये लोग मेरी बेटी पर बुरी नीयत रखते हैं। इस बात को लेकर मोहन सिंह से उसका विवाद हो गया। दोनों ने एक-दूसरे को देख लेने की धमकी दे डाली। चंद मिनटों में दोस्ती दुश्मनी में बदल गई।

उस रात कनिक के घर में ही बनी थी मछली

घटना के दिन यानी 25 नवंबर की रात आठ बजे इसी विवाद के निपटारे को लेकर सभी सात आरोपित कनिक राम के घर के समीप चापाकल पर जुटे थे। जहां सभी ने मिलकर एक साथ ताड़ी पी और फिर मछली-भात खाया। इस बीच बिंदी दो बार मछली देने वहां आई थी। इसी दौरान आरोपितों ने उसके दुष्कर्म की योजना बनाई और देर रात्रि नशे की हालत में उसके घर में जा घुसे।

बेटी की आबरू बचाने में गई थी तीनों की जान

कनिक राम, उसकी पत्नी मीना देवी और पुत्र छोटू कुमार की जान बिंदी की आबरू बचाने में गई थी। घर में घुसते ही सभी आरोपित चाकू का भय दिखाकर बिंदी से दुष्कर्म का प्रयास करने लगे। शोर सुन साथ सो रही बिंदी की मां मीना देवी जग गई। बेटी की आबरू बचाने के लिए खाली हाथ ही दरिंदों से जा भिड़ीं, जिसे धारदार हथियार से वार कर दरिंदों ने वहीं ढेर कर दिया।

इसके बाद पिता कनिक राम और मासूम भाई छोटू जा भिड़े और अंतिम दम तक लड़ते रहे। लेकिन हथियार से लैस सात अपराधियों से बाप-बेटे ज्यादा देर तक मुकाबला नहीं कर सके। दोनों को भी आरोपितों ने प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया। दरिंदों ने बिंदी पर भी धारदार हथियार से कई वार किए और उसे मरा समझकर भाग निकले। सुबह परिजन सहित ग्रामीणों की मदद से बिंदी को अस्पताल पहुंचाया गया। अभी पीएमसीएच में उसका इलाज चल रहा है।

तीन लोगों की पुलिस कर रही तलाश

तीन महादलितों की हत्या मामले में पुलिस को अब झंडापुर के मोमिन टोला निवासी मु. सद्दाम, सल्लो सहनी, अमन झा और दयालपुर के एक आरोपित की तलाश है। उस रात मोहन सिंह, बलराम राय, कन्हैया झा व मु. महबूबा के साथ घटना में ये लोग भी शामिल थे। घटना के बाद सभी आरोपित घर छोड़कर फरार हैं।

मंगलवार को इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इनमें बलराम राय, कन्हैया झा व मु. महबूबा शामिल हैं। इससे पूर्व मोहन सिंह की गिरफ्तारी हुई थी।

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