राज्य सरकार की कड़ी चेतावनी-काम पर लौट आएं, नहीं तो 6800 ANM की जाएगी नौकरी

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राज्य स्वास्थ्य विभाग ने विरोध प्रदर्शन और आंदोलन कर रहीं एएनएम कर्मियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि वो शनिवार तक काम पर लौट आएं नहीं तो उनकी नौकरी चली जाएगी।

पटना । राज्य स्वास्थ्य विभाग ने स्थायी नौकरी और वेतन विसंगति को दूर करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन और आंदोलन कर रहीं एएनएम कर्मियों को कड़ी चेतावनी दी कि अगर वे कलतक, यानि शनिवार तक वह अपनी ड्यूटी पर नहीं लौटती हैं, तो उन्हें संविदा की शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप में नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है।

स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक पदाधिकारी लोकेश कुमार सिंह ने सभी जिले के डीएम व एसपी को इस संबंध में पत्र लिखा है, जिसमें यह साफ कहा गया है कि, विरोध पर उतारू जो एनएनएम 23 दिसंबर तक काम पर नहीं लौटती हैं, तो उनके विरुद्ध स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित करने, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के उद्देश्यों को खराब करने की वजह से उन्हें नौकरी से निकालने की कार्रवाई की जायेगी।

राज्य स्वास्थ्य समिति ने गुरुवार को यह आदेश जारी किया है कि आंदोलन कर रहीं एएनएम अगर शनिवार तक काम पर नहीं लौटती हैं तो उनकी संविदा समाप्त मानी जाएगी। जो एएनएम 23 दिसंबर तक काम पर लौट आएंगी, उनके कार्य बहिष्कार अवधि को देय उपार्जित अवकाश में समायोजित किया जा सकता है।

समिति के कार्यपालक पदाधिकारी लोकेश कुमार सिंह ने सभी जिले के डीएम और एसपी को इस संबंध में पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि एएनएम अगर 23 तक काम पर नहीं लौटती हैं तो उनके विरुद्ध स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित करने, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के उद्देशय़ों को विफल करने व संविदा की शर्तो का उल्लंघन करने के आरोप में चयनमुक्त करने की कार्रवाई की जाए।

ऐसी चयनमुक्त एएनएम को सरकार की नियमित नियुक्ति के लिए भी अयोग्य घोषित करने पर स्वास्थ्य विभाग विचार कर रहा है। वहीं, पत्र में कहा गया है कि चयनमुक्ति के बाद रिक्ति का रोस्टर अनुमोदन का प्रस्ताव राज्य स्वास्थ्य समिति को शीघ्र भेजा जाए, ताकि इन पदों पर नए सिरे से नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाए।

कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा है कि 2017-18 के लिए 5 प्रतिशत की वार्षिक मानदेय वृद्धि का आदेश निर्गत किया जा चुका है। तीन साल की सेवा पूर्ण होने पर 10 प्रतिशत मानदेय वृद्धि एवं पांच साल की सेवा पूर्ण होने पर 15 प्रतिशत की मानदेय वृद्धि का लाभ देने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार के पास भेजा जा रहा है।

कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा कि सेवा अवधि के दौरान एएनएम की आकस्मिक मृत्यु होने पर उनके आश्रित को चार लाख का अनुग्रह अनुदान देने का प्रस्ताव स्वास्थ्य विभाग में प्रक्रियाधीन है। संविदा एएनएम की सेवा अवधि 11 माह से बढ़ाकर तीन साल कर दी गई है। एएनएम को प्रोत्साहन राशि देने की भी योजना बन रही है। पूरे राज्य में 6800 संविदा एएनएम दो नवम्बर से हड़ताल पर हैं।

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