रायबरेली का फटेहाल भिखारी निकला तमिलनाडु का करोड़पति

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रायबरेली
आधार कार्ड को लेकर सियासी हाय-तौबा के बीच ऐसी खबर सामने आई है कि जिसे सुनकर किसी का भी चौंकना स्वाभाविक है। दरअसल यूपी के रायबरेली जिले के रालपुर कस्बे में सड़क पर फटेहाल दशा में रोटी के लिए एक बुजुर्ग शख्स भीख मांग रहा था। इस शख्स पर लालगंज तहसील में रालपुर के अनंगपुरम स्कूल के स्वामी भास्कर स्वरूप जी महराज की नजर पड़ी और उसे वह अपने आश्रम में ले आए। स्वामी के सेवकों ने भिखारी को नहलाने-धुलाने के बाद उसके कपड़ों को तलाशी ली तो सब लोग चौंक गए। उस बुजुर्ग की जेब में आधार कार्ड के साथ एक करोड़ छह लाख 92 हजार 731 रुपये के एफडी के कागजात मिले।

तिजोरी की चाबी भी मिली
फटेहाल भिखारी के जेब से मिले आधार कार्ड के सहारे संपर्क करने पर पता चला कि वह बुजुर्ग तमिलनाडु का करोड़पति व्यापारी है। स्वामी जी के द्वारा कागज से मिले पते पर सूचना दी गई तो उसकी पुत्री रालपुर पहुंची और अपने पिता को साथ ले गई। स्वामी सूर्य प्रबोध इंटर कॉलेज, अनंगपुरम के संस्थापक स्वामी भास्कर स्वरूप जी महराज ने एनबीटी को बताया कि बीते 13 दिसंबर को एक बुजुर्ग शख्स स्कूल परिसर में आया और भोजन के लिए कातर भाव से देखने लगा।

भूखा और परेशान समझकर उसे खाने-पीने को दिया गया। तब जाकर वह शख्स कुछ देर के बाद सामान्य हालत मे दिखाई पड़ा तो उसके नाई से बाल कटवाकर जब नहलाया-धुलाया गया तो अचानक वह सभी से बातचीत करने लगा। स्वामी जी ने बताया कि उसके पुराने कपड़े उतरवाकर धुले कपड़े दिए गए और जब पुराने कपड़ों की तलाशी ली गई तो उससे आधार कार्ड सहित एक करोड़ छह लाख 92 हजार 731 रुपये के एफडी के कागजात भी बरामद हुए। उसके पास से एक छह इंच लंबी तिजोरी की चाबी भी बरामद हुई।

आधार कार्ड ने मिलवाया परिवार से
स्वामी ने बताया कि उसके पास से मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान मुथैया नादर पुत्र सोलोमन पता-240 बी नार्थ थेरू, तिरूनेलवेली तमिलनाडु, 627152 के रूप में हुई। कागजातों मे उसके घर के फोन नंबर भी थे। फोन पर जब संपर्क किया गया तो उसके घरवालों ने बताया कि वे लोग मुथैया नादर को जगह जगह ढूंढ रहे हैं।

पिता के मिलने की खबर पाकर बेटी गीता तमिलनाडु से हवाई जहाज से लखनऊ पहुंची। लखनऊ से टैक्सी बुक करके रालपुर पहुंची जहां उसने अपने पिता को पहचानकर उनसे खुशी में लिपट गई। स्वामी जी को पिता से मिलाने के लिए आभार देने के साथ आश्रम के सभी कर्मचारियों के प्रति आभार जताया। गीता अपने पिता को हवाई जहाज से तमिलनाडु ले गई।

छह महीने पहले रेलयात्रा के दौरान गुम हुए
मुथैया नादर की बेटी गीता ने बताया कि उसके पिता पांच-छह महीने पहले रेल यात्रा के दौरान गुम हो गए थे। शायद जहरखुरानी के शिकार होकर पागल और भिखारी की हालत मे इधर-उधर घूम रहे थे। वह तो स्वामी जी की निगाह पड़ गई जो बदहाली की हालत में घूम रहे मेरे पापा अपने परिवार के पास पहुंच सके।

गीता ने स्वामीजी की दिल खोलकर प्रशंसा की। इलाके के लोग भी स्वामीजी की सराहना कर रहे हैं। वहीं स्वामीजी ने पुलिस और सरकारी महकमे से यह अपील की है कि क्षेत्र में घूम रहे पागल और भिखारी किस्म के लोगों की जांच पड़ताल करें, जिससे वे अपने घर पहुंच सके।

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