2020 तक भारत में इलेक्ट्रिक कार उतारने की सोच रही है मारूती, सरकार से मांगी है मदद

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नई दिल्ली (ऑटो डेस्क)। देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी भी अब इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में उतरने की तैयारियों में जुट गई है। बिजली से चलने वाली कंपनी की पहली कार वर्ष 2020 में बाजार में आ जाएगी। भारत सरकार ने घोषणा की है कि वर्ष 2030 के बाद से देश में सिर्फ बिजली से चलने वाली कारों को बेचने की ही इजाजत मिलेगी। मारुति ने कहा है कि इस योजना को पूरी तरह से सफल करने के लिए सरकारी मदद की जरूरत होगी। खासतौर पर बैट्री निर्माण और ढांचागत सुविधाओं के निर्माण में। मारुति सुजुकी के चेयरमैन आरसी भार्गव का कहना है कि सरकार की मदद के बगैर इलेक्ट्रिक कार की योजना को सफल नहीं बनाया जा सकता।

इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सरकार को उठाने होंगे कदम:

भार्गव के मुताबिक सबसे बड़ी चुनौती बिजली वाहनों की कीमतों को घटाने की होगी। मौजूदा हालात में इनकी कीमत बहुत ज्यादा होगी। ज्यादातर भारतीयों के लिए इन्हें खरीदना मुश्किल होगा। अगर देश में इनकी बैट्री और अन्य उपकरणों को बनाने की व्यवस्था नहीं की जाएगी तो फिर इनकी कीमत भी कम नहीं हो सकेगी। भार्गव ने कहा, ‘इसके लिए सरकार को कदम उठाने होंगे। सरकार किस तरह से कदम उठाएगी, यह कहना अभी मुश्किल है, लेकिन उसके बगैर ऐसा नहीं हो सकेगा।’ वैसे, इस बारे में आम कार ग्राहकों के विचार जानने की कोशिश भी कंपनी के स्तर पर हो रही है। आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर ग्राहकों के बीच अध्ययन किए जाने की तैयारी है। कंपनी यह जानने का प्रयास करेगी कि इस तरह के वाहनों को कैसे बेचा जा सकेगा, इनकी पार्किग किस तरह से होगी, रास्ते में उनकी चार्जिग की क्या व्यवस्था होगी।

डिजायर को इलेक्ट्रिक में तब्दील करने पर 5 लाख का खर्च:

यह पूछे जाने पर कि इलेक्ट्रिक कारों को लेकर सबसे बड़ी चुनौती क्या होगी, उनका जवाब था कि किस तरह से सस्ती छोटी कारें बनाई जा सकें। बड़ी कारों की कीमतों को एक सीमा में रखना आसान है, लेकिन जब बात छोटी कार बनाने की होती है तो मामला अलग हो जाता है। कंपनी की स्विफ्ट डिजायर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इसे इलेक्ट्रिक में तब्दील करने पर इसकी कीमत पांच लाख रुपये बढ़ जाएगी। यहा सरकार की मदद की जरूरत होगी, ताकि कीमत कम की जा सके। भार्गव ने बताया कि मारुति सुजुकी की पहली इलेक्ट्रिक कार वर्ष 2020 में पेश की जाएगी। कंपनी की तरफ से चार्जिग स्टेशन भी बनाए जाएंगे। इसके लिए अलग रणनीति बनाई जाएगी।

टोयोटा भी 2020 तक बनाएगी इलेक्ट्रिक कार:

मारुति के अलावा हाल ही में टोयोटा ने भी भारत में इलेक्ट्रिक कार बनाने की अपनी रणनीति की जानकारी दी है। इस कंपनी की नई इलेक्ट्रिक कार भी वर्ष 2020 में लॉन्च की जाएगी। कंपनी द्वारा जारी बयान में कहा गया कि टोयोटा ने 2020-2030 के दशक में इलेक्ट्रिक वाहनों को लोकप्रिय बनाने की योजना बनाई जा रही है।

बयान के मुताबिक टोयोटा इलेक्ट्रिक वाहनों की रणनीति के केंद्र में हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन (HEV), प्लग इन हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन (PHEV), बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (PEV) और फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक वाहन (FCEV) को पेश करेगी। इसके अलावा टोयोटा साल 2020 के शुरुआत में दुनियाभर में 10 से ज्यादा BEV मॉडल लॉन्च करेगी जिसकी शुरुआत चीन से होगी। अन्य बाजारों में इसे धीरे-धीरे लॉन्च किया जाएगा, जिसमें जापान, भारत, अमेरिका और यूरोप शामिल हैं।

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कंपनी के मुताबिक साल 2030 तक टोयोटा का लक्ष्य 55 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों को बेचने का है, जिसमें 10 लाख शून्य उत्सर्जन (BEV और FCEV) वाहन शामिल होंगे। इसके अलावा साल 2025 तक टोयोटा और लेक्सस का दुनिया भर में हर मॉडल ऐसा होगा जिसमें इलेक्ट्रिक मॉडल का विकल्प दिया जाएगा।

2030 तक ऑटो सेक्टर में 40% होंगी इलेक्ट्रिक कारें:

ऑटोमोबाइल कंपनियों के शीर्ष संगठन सियाम ने हाल ही में सरकार को इस संबंध में एक रिपोर्ट सौंपी है। इसमें कहा गया है कि वर्ष 2030 तक देश के ऑटोमोबाइल बाजार में 40 फीसद इलेक्ट्रिक कारें होंगी।

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