फर्रुखाबाद में बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रम पर पुलिस का छापा, 33 महिलाएं मिलीं

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चर्चित बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के कंपिल व सिकत्तरबाग स्थित आध्यात्मिक ईश्वरीय विश्वविद्यालयों में पुलिस ने आज छापेमारी शुरू की है। बड़ी संख्या में वहां पुलिस भी लगाई गई है।

फर्रुखाबाद दिल्ली के रोहिणी में आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में अय्याशी का आश्रम चला रहे ढोंगी बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित का फर्रखाबाद से भी पुराना नाता है। पुलिस ने आज यहां उसके 34 वर्ष पुराने आश्रम पर छापा मारा है। पुलिस ने बालिग और नाबालिग कुल 33 महिलाओं को भी बरामद किया है।

अध्यात्मक के नाम पर युवतियों-महिलाओं को बंधक बनाने और दुष्कर्म करने के मामले में फरार बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित की तलाश में पुलिस ने उसके कस्बा कंपिल व शहर के सिकत्तरबाग स्थित आध्यात्मिक ईश्वरीय विश्वविद्यालयों में पुलिस ने छापेमारी शुरू कर दी। कई घंटे चली छापेमारी के दौरान पुलिस को कुछ भी आपत्तिजनक नहीं दिखा। कंपिल आश्रम में पुलिस अधिकारियों को तीन नेपाली महिलाओं समेत 33 महिलाएं मिली।

अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन सिंह की अगुवाई में पुलिस ने शनिवार सुबह फर्रुखाबाद शहर के सिकत्तरबाग स्थित आध्यात्मिक ईश्वरीय विश्वविद्यालय आश्रम में छापा मारा। मशक्कत के बाद पुलिस उसका दरवाजा खुलवाकर अंदर घुसी। कई कमरों में बंद तालों को भी तोड़ा गया। इस दौरान छह संवासिनी बाहर मिलीं। एक 24 वर्षीय संवासिनी कमरे में बंद मिली। पूछताछ में उसने कई बार अपना नाम बदला। संदेह के आधार पर पुलिस अपने साथ ले गई। कई एक्स-रे फिल्म और अध्यात्मिक किताबें भी मिलीं।

इसी दौरान कंपिल में गंगा रोड स्थित आश्रम में क्षेत्राधिकारी कायमगंज नरेश कुमार की अगुवाई में कम्पिल, कायमगंज,शमशावाद, नवाबगंज, मोहम्मदाबाद व जहानगंज थाने की पुलिस ने घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। पुलिस आश्रम के गेट को खुलवाकर अंदर गई। मीडिया से जुड़े लोगों को पुलिस ने अंदर नहीं जाने दिया। पुलिस को देखते ही आश्रम में मौजूद संवासनियों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने पूरे आश्रम का चप्पा-चप्पा खंगाला। इस दौरान तीन नेपाली महिलाओं समेत 30 महिलाएं मिलीं। करीब डेढ़ घंटे के बाद एसडीएम कायमगंज भी आश्रम पहुंच गए।

बकौल पुलिस आश्रम में कोई भी चीज आपत्तिजनक नहीं मिली हैं। सभी संवासनियों ने खुद की मर्जी से वहां रहने की बात कही है। उसमें नेपाल की भी कुछ युवतियां मिली हैं। इस बाबत अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन सिंह ने बताया कि वीरेंद्र देव की तलाश में छापेमारी की गई थी। सिकत्तरबाग स्थित एक आश्रम में कथित तौर पर 24 वर्षीय संवासिनी बंद कमरे में मिली थी। उसके न्यायायिक मजिस्ट्रेट के सामने बयान कराए जाएंगे।

इससे पहले भी इस आश्रम की गतिविधियों और संपत्ति को लेकर सीबीसीआइडी और आयकर विभाग की टीम भी जांच कर चुकी है। दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इस मसले को लेकर कड़ी टिप्पणी की। इसके बाद बाबा दीक्षित पर पुलिस का शिकंजा लगातार कस रहा है। पुलिस ने आज वीरेंद्र देव दीक्षित के कंपिल कंपिल व सिकत्तरबाग स्थित आश्रमों छापा मारा। चर्चित बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के कंपिल व शहर के सिकत्तरबाग स्थित आध्यात्मिक ईश्वरीय विश्वविद्यालयों में पुलिस ने आज सुबह छापेमारी शुरू की है। वहां पर बड़ी संख्या में वहां पुलिस भी लगाई गई है।

दिल्ली में ढोंगी बाबा वीरेंद्र दीक्षित के आध्यात्मिक ईश्वरीय विश्वविद्यालय पर छापेमारी के बाद उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में भी उनके आश्रम पर पुलिस ने छापेमारी की। छापेमारी में पुलिस को आश्रम में कई तहखाने मिले हैं। पुलिस ने बालिग और नाबालिग कुल 53 महिलाओं को भी बरामद किया है।

दिल्ली में आश्रम से छुड़ाई गई लड़कियों के बाद से ही बाबा फरार है। सूचना मिली थी कि बाबा फर्रुखाबाद के आश्रम में छिपा है। इसके बाद एसपी ने 100 से अधिक पुलिस फोर्स के साथ सिकत्तर बाग और कम्पिल के आश्रम में एक साथ छापेमारी की। छापेमारी के दौरान आश्रम के अंदर पुलिस की महिलाओं से झड़प भी हुई।आश्रम के अंदर कई तहखाने मिले हैं। सिकत्तर बाग आश्रम से 8 और कम्पिल आश्रम से 45 महिलाएं बरामद हुईं हैं। इसमें नाबालिग लड़कियां भी हैं। पुलिस सभी महिलाओं को कोर्ट में पेश करने की बात कह रही है।

सर्वोदय नगर में बाबा का आश्रम आध्यात्मिक विश्वविद्यालय है। एक महीने पहले भी यहां पर नाबालिग लड़कियों के होने की सूचना पर पुलिस ने छापेमारी की थी। उस समय भी पुलिस को यहां लड़कियां नहीं मिली थी, लेकिन सेविकाओं पर पुलिस ने कार्रवाई की थी और यहां के आश्रम संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।

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पुलिस ने आश्रम के 11 सेवादारों को शांतिभंग की धारा में बंद कर पीडि़ता को नारी निकेतन भेजा था।अहमदाबाद के एक व्यक्ति ने इसके बाद 3 अप्रैल 1998 को शिकायत की था कि उसकी बेटी के साथ आश्रम में दुष्कर्म किया गया था।

इससे पहले शुक्रवार को पुलिस ने बांदा स्थित विवादित बाबा वीरेंद्र दीक्षित के आश्रम आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में छापेमारी की थी। आश्रम में बाबा और नाबालिग लड़कियों के होने की सूचना पर पुलिस ने छापेमारी कर आश्रम के एक-एक कमरे की तलाशी ली। आश्रम में मौजूद सेविकाओं से भी पुलिस ने पूछतांछ की। हालांकि पुलिस को यहां न तो बाबा मिला है और न ही लड़कियां मिली। गुरुवार को वीरेंद्र दीक्षित के दिल्ली आश्रम में कई नाबालिग लड़कियां बरामद हुई थी, जिसमें से कुछ लड़कियां बांदा की भी हैं।

इस बाबा का उत्तर प्रदेश से पुराना नाता रहा है। फर्रुखाबाद के कंपिल में आध्यात्मिक ईश्वरीय विश्वविद्यालय नाम के आश्रम में भी बाबा के दर्जनों लड़कियों को अपने हवस का शिकार बनाने के मामले दर्ज हैं। 19 वर्ष में मामला पहली बार सामने आया है।

मूल रूप से फर्रुखाबाद निवासी वीरेंद्र देव दीक्षित का कंपिल के गंगा रोड पर भव्य आश्रम है। आश्रम 19 वर्ष पहले कोलकाता की एक लड़की के अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म के आरोपों की वजह से पहली बार चर्चा में आया था। उसके बाद इस आश्रम पर कई बार आरोप लगे की यहां लड़कियों का यौन शोषण होता रहा है। वहीं, वीरेंद्र देव के विरुद्ध यौन उत्पीडऩ, पुलिस मुठभेड़ और कई अन्य संगीन धाराओं में आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं।

34 वर्ष से चल रहा आश्रम

कंपिल के चौधरियान में वीरेंद्र देव का आश्रम पिछले 34 वर्ष से चल रहा है। आश्रम तीन मंजिला और भव्य रूप में है, लेकिन यहां युवतियों कि बड़ी संख्या में मौजूदगी से आश्रम हमेशा से शक के घेरे में रहा।

फर्रुखाबाद एसपी मृगेंद्र सिंह के मुताबिक, वीरेंद्र देव दीक्षित के खिलाफ 1998 में सात मुकदमे दर्ज हुए थे। दुष्कर्म के छह मामलों में चार्जशीट दाखिल हुई थी। आश्रम की तरफ से जो एक एफआईआर पुलिस के खिलाफ दर्ज कराई थी उस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाई जा चुकी है। 30 मार्च 1998 को कोलकाता की युवती के माता-पिता ने कंपिल थाने में पुत्री को जबरन आश्रम में बंधक बनाकर यौन उत्पीडऩ का आरोप लगाया था।

मथुरा की महिला की तहरीर पर पुलिस ने 16 अप्रैल 1998 को आश्रम के तीन लोगों के विरुद्ध दुष्कर्म का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने वीरेंद्र की गिरफ्तारी के लिए आश्रम में छापा मारा, तो उसके चेले पुलिस से भिड़ गए।

पुलिस ने कई धाराओं में वीरेंद्र देव, सेवादार रवींद्र दास, जगन्नाथ, महेश, जनार्दन, मनोरंजन, कोपली, शांता बहन सहित आठ लोगों के विरुद्ध संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।

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