राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के लिए चुनौतियों भरा होगा साल 2018

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राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के लिए आने वाला नया साल चुनौतियों भरा होगा। लालू चारा घोटाला में दोषी करार दिए गए हैं तो वहीं उनके परिवार पर भी कार्रवाई हो सकती है।

पटना । राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और उनके परिवार के लिए आना वाला वर्ष 2018 चुनौतियों भरा होगा। आने वाले साल में न केवल लालू प्रसाद बल्कि उनकी पत्नी व पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बड़ी बेटी मीसा भारती, दामाद शैलेश कुमार, छोटे पुत्र व पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत परिवार के अन्य सदस्यों का समय अदालतों के चक्कर लगाने में बीतेगा।

बता दें कि बहुचर्चित चारा घोटाले में सीबीआइ ने लालू प्रसाद के खिलाफ कुल छह मामले दर्ज किए थे। इनमें लालू परिवार के किसी अन्य सदस्य को अभियुक्त नहीं बनाया था। इनमें से पांच मामले रांची स्थित सीबीआइ की विशेष अदालत में तथा एक मामला पटना स्थित सीबीआइ की विशेष अदालत में चल रहा है। इनमें से दो में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है।

वर्ष 2013 में रांची की विशेष सीबीआइ अदालत ने लालू प्रसाद को पांच साल की कैद की सजा सुनाई थी। जबकि गत शनिवार को इसी अदालत ने देवघर कोषागार से 89.4 लाख की अवैध निकासी मामले में लालू प्रसाद को दोषी करार दिया है। 3 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी।

इसके अलावा सीबीआइ ने लालू प्रसाद पर चाईबासा कोषागार से 37 करोड़ की अवैध निकासी (आरसी-67ए/96), दुमका कोषागार से 3.5 करोड़ की अवैध निकासी (आरसी-38ए/96), डोरंडा कोषागार से 184 करोड़ की अवैध निकासी (आरसी-27ए/96) तथा भागलपुर व बांका कोषागार से 45.96 लाख की अवैध निकासी (आरसी-63ए/96) मामले का फैसला भी अगले साल मई-जून तक आने की संभावना है।

लालू प्रसाद व उनके परिवार की मुश्किलें यही खत्म होती नजर नहीं आती। विगत 7 जुलाई को रेलवे टेंडर घोटाले में सीबीआइ ने लालू प्रसाद समेत उनकी पत्नी राबड़ी देवी और छोटे पुत्र तेजस्वी यादव को भी नामजद किया है। सूत्र बताते हैं कि रेलवे टेंडर घोटाले में सीबीआइ अगले एकाध महीने में लालू समेत अन्य अभियुक्तों के खिलाफ आरोपपत्र दायर करने वाली है।

उधर, लालू प्रसाद की बड़ी बेटी व सांसद मीसा भारती व उनके पति शैलेश कुमार के खिलाफ ईडी ने विगत शनिवार को ही मनी लांड्रिंग के एक मामले में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है।

इधर, बेली रोड पर लालू परिवार के निर्माणाधीन मॉल की मिट्टी बिना टेंडर निकाले बेचने के आरोप में बिहार सरकार ने निगरानी जांच के आदेश दे दिए हैं। इससे लालू प्रसाद के बड़े पुत्र व पूर्व मंत्री तेजप्रताप की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं।

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