चीनी सैन्य अभ्यास ताइवान की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा

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ताइपे ने एक वार्षिक रक्षा समीक्षा रिपोर्ट में चेतावनी दी कि चीन के निरंतर बढ़ते सैन्य अभ्यास ताइवान की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं.

चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और आवश्यकता पड़ने पर बलपूर्वक उसका फिर से अपने देश में विलय कर सकता है.

वर्ष 1949 में हुए एक गृहयुद्ध के बाद दोनों देश अलग हो गए थे. यद्यपि ताइवान स्वशासित लोकतंत्र है लेकिन इसने कभी भी औपचारिक रूप से खुद को स्वतंत्र घोषित नहीं किया है.

पिछले साल ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन के पद संभालने के बाद से बीजिंग ने द्वीप के आसपास सैन्य अभ्यास तेज कर दिए हैं क्योंकि उन्होंने (राष्ट्रपति ने) दोनों क्षेत्रों को वन चाइना का हिस्सा मानने से इनकार कर दिया था.ताइवान के रक्षा मंत्री फेंग शिह-कुआन ने मंगलवार को जारी 14वीं रक्षा रिपोर्ट में कहा कि निरंतर सैन्य अभ्यासों ने ताइवान क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर एक बड़ा खतरा खड़ा कर दिया है. फेंग ने कहा, ताइवान, चीन के रक्षा बजट और सैन्य विकास का मुकाबला नहीं कर सकता.

उन्होंने कहा कि इसकी बजाय, ताइवान चीनी सेना द्वारा अग्रिम प्रयासों को रोकने के लिए असंयमित युद्ध के विकास की एक योजना का गंभीरता से आकलन और रेखांकन कर रहा है.

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