विवादित बयान पर हेगड़े को नहीं मिला मोदी सरकार से सपोर्ट, विपक्ष की मांग-मंत्री को बर्खास्त कराे

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नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े के सेक्युलरिज्म (धर्मनिरपेक्षता) पर दिए एक बयान पर बुधवार को संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने कहा कि जिस शख्स को संविधान में भी भरोसा नहीं है, उसे मंत्री पद पर बने रहने का भी हक नहीं है। विपक्ष ने हेगड़े के इस्तीफे की मांग की। बता दें कि हेगड़े ने मंगलवार को कर्नाटक में कहा था कि लोगों को अपनी पहचान सेक्युलर के बजाय धर्म और जाति के आधार पर बतानी चाहिए। हम संविधान में संशोधन कर सेक्युलर शब्द हटा सकते हैं। हेगड़े मोदी सरकार में राज्य मंत्री हैं। उनके पास स्किल डेवलपमेंट एंड आंत्रप्रेन्योरशिप मिनिस्ट्री का चार्ज है। हेगड़े को अपने बयान पर अपनी ही सरकार से सपोर्ट नहीं मिला। उनके बयान पर विवाद होने के बाद केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने राज्यसभा में कहा कि सरकार हेगड़े के विचारों को मंजूर नहीं करती।

राज्यसभा में आज क्या हुआ?
– राज्यसभा में सभापति एम. वेंकैया नायडू ने सुबह जैसे ही कार्यवाही शुरू की, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के सांसद हंगामा करने लगे। हेगड़े के खिलाफ ‘शर्म करो, शर्म करो’ के नारे लगाए गए।
– नायडू ने विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद से अपनी बात रखने को कहा। आजाद ने कहा कि हेगड़े सरकार में मंत्री हैं। उन्हें संविधान में भरोसा नहीं है। इसलिए, उन्हें मंत्री पद पर बने रहने का भी कोई अधिकार नहीं है। उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। हेगड़े ने संविधान में बदलाव की बात की है। यह कोई छोटी बात नहीं है, बल्कि बहुत गंभीर मुद्दा है। इस पर तुरंत चर्चा होनी होनी चाहिए।
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, हंगामे के दौरान हेगड़े कुछ देर के लिए राज्यसभा में मौजूद थे। वे विपक्ष की बातों को सुन रहे थे। इसके तुरंत बाद वे सदन से चले गए।

बाकी दलों ने क्या कहा?
– तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य सुखेंदू शेखर रॉय ने कहा कि सेक्युलरिज्म शब्द का संविधान की प्रस्तावना में जिक्र है। क्या किसी मंत्री को सार्वजनिक तौर पर संविधान की प्रस्तावना की आलोचना करने का हक है?
– समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि संविधान ही देश की रामायण और गीता है। अगर कोई मंत्री संविधान और उसके निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान करता है तो उसे हटा दिया जाना चाहिए।
– इस बीच, सुब्रमण्यम स्वामी ने दावा किया कि संविधान में सेक्युलरिज्म शब्द बाबा साहेब अंबेडकर ने नहीं जुड़वाया था।

लोकसभा में क्या हुआ?
– हेगड़े की टिप्पणियों के खिलाफ कांग्रेस ने लोकसभा में एडजर्नमेंट मोशन यानी कामकाज रोकने का नोटिस दिया था।
– लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने जैसे ही हेगड़े की टिप्पणियों का मुद्दा उठाया, कांग्रेस सदस्य वेल तक नारे लगाते हुए आ गए। वे नारे लगा रहे थे कि अंबेडकर का अपमान नहीं चलेगा।
– जब लोकसभा में हंगामा हो रहा था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां मौजूद नहीं थे। वे हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने शिमला गए थे।

हेगड़े ने क्या कहा था?
– कोप्पल जिले में यलबुर्गा में ब्राह्मण युवा परिषद् और महिलाओं के प्रोग्राम में हेगड़े ने कहा था, ”सेक्युलर लोग नहीं जानते कि उनका खून क्या है? हां, संविधान यह कहने का अधिकार देता है कि हम सेक्युलर हैं और कहेंगे भी। लेकिन संविधान में कई बार संशोधन हो चुका है, हम इसे भी हटाएंगे, इसलिए सत्ता में हैं।”
– ”अगर आप कहते हैं कि मैं एक मुस्लिम, ईसाई, लिंगायत, ब्राह्मण या हिंदू हूं तो ऐसे में हम अपने धर्म और जाति से जुड़े होने पर गर्व महसूस करते हैं। लेकिन ये सेक्युलर कौन लोग हैं? इनका कोई माई-बाप नहीं।”

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