दो-तरफा संघर्ष की तैयारी में राजद, लालू के लिए न्याय रथ लेकर निकलेगी पार्टी

0
239

राजद अब अपने सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाला मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद दोतरफा संघर्ष की तैयारी में है, राजद जनता के बीच जाकर इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएगा।

पटना । चारा घोटाले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद को दोषी करार दिए जाने के बाद राजद दोतरफा संघर्ष की तैयारी में है। सीबीआइ अदालत के फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील के साथ-साथ जनता दरबार में भी जाने का कार्यक्रम है।

राजद संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने बुधवार को प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि जनता को पूरे मामले से अवगत कराने के लिए राजद न्याय यात्रा निकालेगा।

इसके लिए छह जनवरी को पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष से लेकर राष्ट्रीय पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों का सम्मेलन होगा, जिसमें संघर्ष की राजनीति और रूपरेखा तैयार की जाएगी।

प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, प्रवक्ता डॉ. रामानुज प्रसाद, मनीष यादव, उर्मिला ठाकुर, पीके चौधरी एवं नंदू यादव की मौजूदगी में रघुवंश ने कहा कि सुशील मोदी एवं जदयू प्रवक्ताओं की भविष्यवाणियों से भी साफ है कि अदालत और जांच एजेंसियां उनकी राय के मुताबिक काम करती हैं।

उन्होंने डॉ.जगन्नाथ मिश्र की रिहाई पर सवाल उठाया और कहा कि 24 अक्टूबर 2017 को बयान देकर डॉ. जगन्नाथ मिश्र ने नरेंद्र मोदी का जयगान और सोनिया गांधी एवं लालू प्रसाद की आलोचना की थी। इसके बाद उनकी रिहाई, संशय पैदा करती है। फैसला आने के पहले राजग में मिठाइयां बांटने का संकेत है कि लालू को जेल भेजने के पीछे साजिश है।

रघुवंश ने पशुपालन घोटाला के जांच अधिकारी एपी दुर्रई की किताब का हवाला देते हुए कहा कि लालू के खिलाफ साजिश हुई थी। सीबीआइ के पूर्व निदेशक बीआर लाल ने भी राजनीतिक इशारे पर काम करने की बात स्वीकारी है।

रघुवंश ने कहा कि चारा घोटाले को हाईकोर्ट में ले जाने वाले शिवानंद तिवारी और सरयू राय को भी लालू के फंसने का अफसोस है। दोनों ने स्वीकार किया है कि लालू को सत्ता से बेदखल करने का उपाय किया गया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here