बिहार सरकार का फैसला: नियमित व नियोजित शिक्षकों का वेतन अब सीधे उनके खाते में

0
171

बिहार सरकार अब राज्य के सभी नियोजित और नियमित का वेतन अब सीधे उनके बैंक एकाउंट में मुख्यालय से ही जारी कर देगी।

पटना । बिहार के नियमित और नियोजित शिक्षकों को अब राज्य सरकार सीधे बैंक एकाउंट में मुख्यालय से ही वेतन जारी करेगी। शिक्षा विभाग ने इसे लागू करने के लिए जिलावार तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सभी शिक्षकों की हाजिरी के आधार पर शिक्षकों को वेतन जारी किया जायेगा।
राज्य सरकार ने यह निर्णय जिलों में शिक्षा विभाग से संबंधित बैंक खातों को कम करने को लेकर लिया है। राज्य मुख्यालय से ही वेतन जारी होने पर पूरी प्रक्रिया सेंट्रेलाइज हो जायेगी और जिलों में शिक्षा विभाग के बैंक एकाउंट भी सीमित हो जायेंगे, इससे शिक्षकों को भी सुविधा होगी।
अप्रैल 2018 से ही केंद्रीकृत रूप से इसे लागू किया जा सकेगा
शिक्षा विभाग अप्रैल 2018 से ही केंद्रीकृत रूप से इसे लागू करने की तैयारी में है। अभी राज्य में पुराने वेतनमान वाले शिक्षकों को जिलावार ट्रेजरी से जबकि नियोजित शिक्षकों के लिए हर जिले के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के खाते में वेतन की राशि जाती है।
उसके बाद डीपीओ संबंधित नियोजन इकाई के खाते में राशि डालते हैं, जिसमें शिक्षक नियुक्त हैं। वहीं से खुद-ब-खुद राशि संबंधित शिक्षकों के खाते में चली जाती है। इससे पहले हर स्कूल के प्रधानाध्यापक शिक्षकों की हाजिरी बीईओ के जरिये जिला कार्यक्रम पदाधिकारी डीपीओ तक पहुंचाते हैं, जिसके बाद शिक्षकों को वेतन की राशि दी जाती है।
एक ही स्कूल के शिक्षकों के लिए जिलों में शिक्षा विभाग के अलग-अलग एकाउंट हैं। प्रारंभिक स्कूलों के शिक्षकों के लिए सर्व शिक्षा अभियान और राज्य सरकार की ओर से अलग-अलग वेतन भुगतान होता है। 2.62 लाख नियोजित शिक्षकों को सर्व शिक्षा अभियान से वेतन दिया जाता है।
इसमें केंद्र की 60 फीसदी राशि के साथ-साथ 40 फीसदी राशि राज्य सरकार के तरफ से दी जाती है। वहीं, 66 हजार नियोजित शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें राज्य सरकार अपने मद से पूरे वेतन का भुगतान करती है। इसके लिए अलग-अलग खाते हैं, जिससे एक ही स्कूल में काम करने वाले शिक्षकों के आने वाली वेतन की राशि के लिए दो एकाउंट हैं।
अब जिले में कितने रहेंगे बैंक खाते, तय करेगा विभाग
हर जिले में शिक्षा विभाग से संबंधित कितने खाते होंगे यह तय अब विभाग करेगा। शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन ने शिक्षा सचिव आरएल चोंग्थू को इसकी जिम्मेदारी दी है। उन्होंने निर्देश दिया है कि जिलों से बैंक खातों की संख्या लेने के बजाय विभाग स्तर पर ही समीक्षा कर बैंक खातों की संख्या तय कर दी जाये।
इसमें कम से कम कितने बैंक खातों से जिला में काम हो जायेगा, इसका निर्धारण कर दिया जाये। इससे सभी जिलों में समान रूप से विभाग के बैंक खाते रह जायेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here