UP: इस शहर में नोटबंदी के बाद प्रॉपर्टी के दाम देशभर में सबसे ज्यादा बढ़े

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नोटबंदी के बाद भले ही इंफ्रा सेक्टर धड़ाम हुआ हो लेकिन कानपुर में जमीन-मकान के भाव आसमान पर ही बने रहे। बंग्लौर और चेन्नई में प्रॉपर्टी की कीमतों में भले ही सात फीसदी तक की गिरावट आई हो पर कानपुर में तो लगभग 30 फीसदी तक इजाफा हो गया। यह खुलासा रिजर्व बैंक द्वारा तीन दिन पहले जारी हाउस प्राइस इंडेक्स में हुआ है।
भारतीय रिजर्व बैंक प्रॉपर्टी की कीमतों को लेकर हर तिमाही हाउस प्राइस इंडेक्स (एचपीआई) जारी करता है। ये इंडेक्स देश के दस शहरों में प्रापर्टी रुझान और बिक्री के आधार पर तैयार होता है। इन दस शहरों में कानपुर, मुम्बई, जयपुर, लखनऊ, अहमदाबाद, कोच्चि, कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई और बंगलौर शामिल हैं। इन्ही शहरों में प्रापर्टी की कीमतें देश में रीयल इस्टेट सेक्टर की दिशा बताती हैं। इसके लिए आरबीआई उस डाटा को संकलित करता है जो कई राज्य सरकारों के पंजीकरण प्राधिकरण से प्राप्त होते हैं।
प्रापर्टी की कीमतों में कानपुर ने तोड़ दिया रिकार्ड
बीते एक साल में देशभर में प्रॉपर्टी के दाम कानपुर में सबसे ज्यादा बढ़े हैं। दिल्ली की तुलना में कानपुर में प्रॉपर्टी के रेट पांच गुना बढ़े हैं जबकि मुंबई की तुलना में करीब ढाई गुना ज्यादा है। लखनऊ और अहमदाबाद से तीन गुना ज्यादा महंगी प्रापर्टी कानपुर में हुई है। नोटबंदी के बाद आए उछाल से आरबीआई भी हतप्रभ है।
देश में औसतन 7 फीसदी महंगी हुई प्रॉपर्टी
सितम्बर 2017 तक एचपीआई 7.3 प्रतिशत रहा। यानी एक साल में प्रापर्टी की कीमत में औसत 7.3 फीसदी की वृद्धि हुई। केवल चेन्नई में रिहायशी प्रापर्टी के दाम 7 प्रतिशत गिरे हैं। नवंबर 2016 में नोटबंदी से पहले प्रापर्टी की कीमतों में 13 फीसदी से ज्यादा उछाल आया था जो अब घटकर करीब आधा (7.7 फीसदी) रह गया है।
दो साल पहले दिल्ली था शीर्ष पर
दो साल पहले वर्ष 2015 में प्रापर्टी की कीमतों में आग सबसे ज्यादा दिल्ली में लगी थी। आरबीआई रिपोर्ट के मुताबिक तब वहां एक साल में मकान-जमीन की कीमतों में 21.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। दूसरे नंबर पर बंगलौर (19.2 प्रतिशत) और तीसरे नंबर पर चेन्नई (12.3 प्रतिशत) था। लखनऊ में प्रापर्टी 10.89 प्रतिशत महंगी हुई थी जबकि मुम्बई में यही दर 10.75 प्रतिशत थी। तब कानपुर में एक साल में 8.44 प्रतिशत प्रापर्टी महंगी हुई थी जबकि अहमदाबाद में 7.7 प्रतिशत। सबसे कम वृद्धि जयपुर (3.26 प्रतिशत) हुई थी। नोटबंदी के बाद बाकी सारे शहर ढेर हो गए लेकिन कानपुर में प्रापर्टी के दाम में 29 फीसदी से ज्यादा उछाल आ गया।

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