लालू की सजा होगी दोपहर दो बजे, इधर राजद नेताओं के बिगड़े बोल

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चारा घोटाला मामले में आज सीबीआइ की विशेष कोर्ट लालू यादव को सजा सुना सकती है। लेकिन उनकी सजा पर राजद नेताओं ने विवादित बयान दिया है जिसपर जदयू और भाजपा ने तंज कसा है।
[रांची/ पटना]। चारा घोटाला के एक मामले में आज राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की सजा का एेलान होने वाला है, जिसके लिए 1.30 बजे लालू को होटवार जेल से सीबीआइ की विशेष कोर्ट लाया जाएगा। लेकिन लालू की सजा तय होने से पहले बिहार में राजनीतिक बयानबाजी तल्ख होती जा रही है।
शिवानंद तिवारी का विवादित बयान
पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने न्यायालय के फैसले पर आज फिर विवादित बयान दिया है और कहा है कि न्यायपालिका में भी आरक्षण का प्रावधान होना चाहिए और जिस जाति के दोषी को सजा सुनाई जानी है, जज भी उसी जाति का हो। क्योंकि जज जिस जाति का होता है वह पक्षपात करता ही है।उन्होंने चारा घोटाला मामले में जगन्नाथ मिश्रा के बरी किए जाने और लालू यादव को दोषी करार दिए जाने के फैसले पर ये विवादित बयान दिया और कहा कि आज भी कहता हूं कि लालू यादव भी मिश्रा होते तो उन्हें भी बरी कर दिया जाता। उन्होंने कहा कि जातिगत आरक्षण की बात जायज है।उनके इस बयान का जवाब देते हुए जदयू नेता अजय आलोक ने कहा कि इनलोगों ने न्याय व्यवस्था पर अंगुली उठाकर न्यायपालिका की भी धज्जियां उड़ा दी हैं। न्यायपालिका को भी जाति की चपेट में लेकर इनलोगों ने अपनी मंशा साफ कर दी है और दिखा दिया है कि ये लोग कैसी राजनीति करते हैं। उन्होंने राजद को नसीहत देते हुए कहा कि शिवानंद तिवारी राजद और लालू को खा जाएंगे।
रघुवंश ने कहा-लालू के जेल जाने से कार्यकर्ता हताश हैं, निराश नहीं
पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह सीबीआई के विशेष कोर्ट परिसर में पहुंचे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि लालू जी का साफ निर्देश है कि राजद का झंडा हर जगह उंचा रखे। लालू को जेल जाने से कार्यकर्ता हताश है पर निराश नहीं। कार्यकर्ता अपना कार्य कर रहे हैं।
सीबीआई कोर्ट द्वारा खुद पर अवमानना नोटिस जारी होने के बारे में कहा कि उन्हें अभी तक कोई नोटिस नहीं मिला है। अखबारों के माध्यम से नोटिस होने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि यह न्यायिक प्रक्रिया है। नोटिस मिलने पर न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे। वे न्यायपालिका पर कोई टिप्पणी नहीं की है।जजमेंट पर आलोचना करना अवमानना नहीं होता। जजमेंट पर आलोचना होने पर ही पक्षकार हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपील करता है। उन्होंने कहा कि हमने सिर्फ यह बात कही है कि जगन्नाथ मिश्र को बेल, लालू को जेल, यह है नरेंद्र मोदी का खेल। यह अवमानना नहीं है।
जेल में लालू प्रसाद से मिलने देने की बिंदु पर उन्होंने कहा कि यहा की प्रशासन व्यवस्था कैसी है यह देखने से ही पता चलता है कि अधिवक्ता को भी जेल में लालू प्रसाद से मिलने नहीं दिया जा रहा है। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अधिवक्ता को मिल रहे हैं।
भाजपा नेता नवल किशोर ने कहा- लालू के जेल जाने पर दिख रहा आरक्षण
भाजपा नेता नवल किशोर ने कहा कि राजद को अब आरक्षण दिख रहा है, जब लालू यादव जेल गए हैं। इससे पहले कहां था आरक्षण का मुद्दा? अपनी आदतों और अमर्यादित भाषा की वजह से ही राजद नेताओं की यह दुर्गति हुई है। लेकिन ये कभी नहीं सुधरेंगे।

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