व्हाइट हाउस में किसी को टूथब्रश भी नहीं छूने देते ट्रंप, पढ़िए ट्रंप से जुड़े सीक्रेट

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अमेरिकी पत्रकार माइकल वॉल्फ की नई किताब में डोनाल्ड ट्रंप को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं. वॉल्फ के मुताबिक, ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति नहीं बनना चाहते थे. हालांकि, व्हाइट हाउस ने किताब में किए सभी दावों को नकार दिया है.
वॉल्फ ने 18 महीने तक राष्ट्रपति और उनके वरिष्ठ कर्मचारियों से बातचीत के आधार पर ‘फायर एंड फरी: इनसाइड द ट्रंप व्हाइट हाउस’ किताब लिखी है.
न्यूयॉर्क मैगजीन में इस किताब के कुछ अंश प्रकाशित किए गए हैं. आइए जानते हैं कि इसमें ट्रंप को लेकर क्या-क्या बताया गया है…
1. ट्रंप को अंदेशा था कि वह अपनी डेमोक्रेट प्रतिद्वंदी हिलेरी क्लिंटन से हार सकते हैं. उन्होंने कैंपेन खत्म होने के बाद अपने पुरानी ज़िंदगी में लौटने की प्लानिंग कर ली थी.अगस्त में, जब वे हिलेरी क्लिंटन से 12 प्वाइंट पीछे चल रहे थे, उन्हें हार का डर सताने लगा. राइट विंग बिलेनियर रॉबर्ट मर्सर (जिन्हें ट्रंप नहीं जानते थे) ने ट्रंप के सामने 5 मिलियन डॉलर का प्लान पेश किया. मर्सरस और उनकी बेटी रेबेका ने कैंपेन में बढ़त बनाने के लिए ट्रंप को पूरा प्लान समझाया. ऐसे में ट्रंप मना नहीं कर सके.
2. व्हाइट हाउस शिफ्ट होने के बाद ट्रंप किसी को अपना टूथब्रश भी नहीं छूने देते थे. यहां तक कि वो अपनी शर्ट को भी हाथ नहीं लगाने देते थे. दरअसल उन्हें जहर दिए जाने का डर सता रहा था.
व्हाइट हाउस पहुंचने के बाद ट्रंप दंपति अलग-अलग कमरों में रुके. उन्होंने कमरे में दो टीवी स्क्रीन और लॉक लगाने का ऑर्डर दिया. हालांकि, कमरे में एक स्क्रीन पहले से लगी हुई थी. सीक्रेट सर्विस ने उन्हें बताया कि उनके पास रूम का एक्सेस है. एक बार हाउसकीपिंग स्टाफ ने जमीन पर गिरी शर्ट उठाने की कोशिश की तो उन्होंने डांटते हुए कहा, “अगर मेरी शर्ट जमीन पर गिरी है तो इसलिए क्योंकि मैं ऐसा चाहता हूं.”
इसके बाद उन्होंने कुछ नए नियम बनाए: कोई भी कुछ नहीं छुएगा, खासकर उनका टूथब्रश. साथ ही जब बेडशीट बदलनी होगी, वे खुद हाउसकीपिंग को बता देंगे.
3. रूपर्ट मर्डोक सहित ट्रंप के कई सहयोगी सरकारी और विदेश नीतियों पर उनकी समझ को लेकर हैरान थे. मर्डोक ने तो एक बार उन्हें ‘बेवकूफ’ तक कह दिया था.
मर्डोक ने उन्हें सलाह दी थी कि H-1B वीजा को लेकर लिबरल रवैया, मेक्सिको बॉर्डर और इमीग्रेंट्स को लेकर किए गए वादों के आड़े आ सकता है. लेकिन ट्रंप पर इसका कोई असर नहीं पड़ा और उन्होंने कहा, “हम देख लेंगे.” ट्रंप के फोन रखते ही मर्डोक बोले, “क्या बेवकूफ है.”
4. ‘इनॉगरेशन डे’ पर ट्रंप काफी परेशान थे. उन्होंने अपनी पत्नी से झगड़ा किया. वे इस बात से परेशान थे कि कुछ बड़े सेलिब्रिटी इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होना चाहते थे.
ट्रंप को शपथ ग्रहण समारोह में मज़ा नहीं आया था. वे गुस्सा था कि कुछ बड़े सेलिब्रिटी इस इवेंट में शामिल नहीं हुए थे. वे पूरे कार्यक्रम में चिड़चिड़े रहे और अपनी पत्नी से झगड़ते रहे.
5. ट्रंप के कई सहयोगियों ने उनकी समझदारी पर कई बार सवाल उठाए.
स्टीव मंचीन, रिंस प्रिबस, गैरी कॉन और एच.आर. मैक्मास्टर के लिए ट्रंप ‘बेवकूफ’ थे.
6. प्रेसिडेंट की नेशनल इकोनॉमिक काउंसिल लीड करने वाले गैरी कॉन (पूर्व गोल्डमैन सैक्स एग्जीक्यूटिव) कई मुद्दों पर ट्रंप से असहमत थे. लेकिन किसे मालूम था कि वे प्रेसिडेंट से इतने ज्यादा परेशान थे.
कॉन ने एक बार कहा था कि ट्रंप काफी ग़ैरदिलचस्प इंसान हैं. यहां तक कि वे वर्ल्ड लीडर्स के साथ होने वाली कई मीटिंग्स में भी नहीं बैठते. यहां तक कि वे एक पेज का मेमो भी नहीं पढ़ते.
7. ट्रंप ने व्हाइट हाउस के बेडरूम को टीवी देखने वाले कमरे में तब्दील कर दिया है. और वे अपने बेड पर ही चीजबर्गर खाते हैं.
अगर 6.30 बजे तक वे स्टीन बैनन के साथ डिनर नहीं कर रहे होते हैं, तो ज्यादा संभावना है कि वो चीजबर्गर खाते हुए टीवी देख रहे होंगे. इस दौरान वे दोस्तों और करीबियों को फोन भी करते हैं.
व्हाइट हाउस का दावा झूठ से भरी है किताब
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा, यह किताब झूठ से भरी है और इसमें उन लोगों के हवाले से भ्रामक तथ्य रखे गए हैं, जिनकी व्हाइट हाउस तक कोई पहुंच नहीं है. उन्होंने अपने नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा, लेखक को इस किताब के लिए व्हाइट हाउस तक कोई पहुंच नहीं मिली. वास्तव में वह कभी राष्ट्रपति के साथ नहीं बैठे.

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