लालू से पहले होटवार जेल पहुंचे उनके दो ‘सेवक’, SSP ने दिए जांच के आदेश

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राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के साथ रांची के होटवार जेल में उनके दो सेवक भी मौजूद हैं। कहा जा रहा है कि झूठी एफआइआर के आधार पर वो जेल तक पहुंच गए हैं। राजद ने इसका खंडन किया है।
पटना । राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव होटवार के बिरसा मुंडा जेल में सजा काट रहे हैं। लेकिन एक खबर से मीडिया जगत में हलचल मची हुई है। खबर ये है कि लालू के जेल जाने से पहले ही उनके दो सेवादार कोर्ट में सरेंडर कर जेल पहुंच गए थे और जेल में लालू की सेवा में लगे हुए हैं। उनके जेल जाने की कहानी भी मजेदार बताई जा रही है।राजद नेता ने कहा-लालू यादव के सेवक नहीं, राजद कार्यकर्ता हैं
वैसे लालू यादव के बारे में जो भी कहा जाए, लेकिन उनका जादू एेसा है कि उनके सेवक उनसे पहले जेल में उनकी सेवा के लिए हाजिर रहते हैं। हालांकि राजद के नेता शक्ति सिंह यादव ने इस बात पर आपत्ति जताई है कि लालू के सेवादार नहीं वो राजद के कार्यकर्ता हैं, वो किस मामले में जेल में हैं और क्या कर रहे हैं? इसकी भी जानकारी होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि राजद के कार्यकर्ताओं का प्यार है और वो लालू यादव से इस कदर जुड़े हैं कि राजद उनके लिए पार्टी राजनीति नहीं, हमारा परिवार है और लालू यादव उसके मुखिया हैं। जिसे जो कहना है वो कहे।लालू के दो सेवकों के जेल में मिलने से मची हलचल इस मामले का खुलासा होते ही रांची के डोरंडा जेल और लोअर बाजार थाने में हलचल मच गई है, एसएसपी ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं। सिटी डीएसपी को इसकी जांच की जिम्मेदारी दी गई है। इस मामले में प्रथमदृष्ट्या मामला सही बताया जा रहा है। उनका कहना है कि लालू के सेल में ये लोग कैसे पहुंचे? किन मामलों में इनपर एफआइआर की गई और किसने कराई? इन सभी बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी गई है। लालू के सेवादार को जेल भेजने के मामले की लीपापोती की कोशिश इस मामले में पुलिस ने खुद को पाक-साफ करार दिया है। सिटी डीएसपी आरके मेहता लोअर बाजार थाना पहुंचे और जांच के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा है कि मदन यादव और लक्ष्मण यादव ने कोर्ट में 23 दिसंबर को सरेंडर किया। उसमें पुलिस की कोई भूमिका नहीं है।सिटी डीएसपी ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के द्वारा आरोपी लक्ष्मण यादव और मदन यादव को जेल भेजने की बात से इनकार किया है। पुलिस वादी सुमित यादव की खोजबीन कर रही है। सुमित मोबाइल बंद कर फरार है।लालू के सेवादार मामले की जांच में आयी तेज़ी पुलिस जांच में पता चला है कि लक्ष्मण और मदन यादव बिहार स्थित आवास में रसोइया का काम करते थे। बिहार में लालू की सरकार खत्म होने के बाद ये लोग रांची आ गए। रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र स्थित हिनू के साकेत नगर, गंगा खटाल में दोनों ने दूध का कारोबार शुरू किया।रांची पुलिस की एक टीम विशेष तौर पर इन दोनों के पूर्व के क्रियाकलाप और शातिराना तरीके से लालू से पहले होटवार जेल जाने के मामले की जांच कर रही है। एक-एक बिंदुओं पर गहराई से जांच चल रही है। सिटी डीएसपी आरके मेहता लोअर बाजार थाना में पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे है।लालू के जेल पहुंचने से पहले पहुंचे दो सेवक बता दें कि चारा घोटाला मामले में लालू यादव को साढ़े तीन साल की कैद की सजा हो चुकी है। लेकिन अभी कुछ ही दिन सजा के बीते हैं कि इसी बीच लालू के दो ‘सेवकों’ से जुड़ी हैरान करने वाली खबर मिल रही है। लालू के इन दोनों सेवकों के नाम- लक्ष्मण यादव और मदन यादव है। लक्ष्मण यादव पटना के रहने वाले हैं तो मदन यादव रांची में रहते हैं।लक्ष्मण और मदन दोनों इस समय रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं और लालू प्रसाद यादव की पूरी देखरेख और सेवा में जुटे हैं। लेकिन इन दोनों के जेल में पहुंचने की कहानी को लेकर मीडिया में हलचल मची हुई है।दरअसल, मिली जानकारी के मुताबिक रांची का एक शख्स सुमित यादव मदन और लक्ष्मण के खिलाफ मारपीट और दस हज़ार रुपये की छिनतई की एफआरआइ रांची के डोरंडा जेल में दर्ज कराने पहुंचा। लेकिन डोरंडा के थाना प्रभारी ने मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया।इसके बाद सुमित यादव नामक शख्स ने दूसरे थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है, जिसके बाद लक्ष्मण यादव और मदन यादव ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया जिसके बाद उन्हें उसी जेल में भेज दिया गया जहां लालू यादव को भेजा गया है। मदन के बारे में मिली जानकारी के मुताबिक वह रांची का रहने वाला है और डेयरी का काम करता है। उसके बारे में यह भी बताया जा रहा है कि वह पिछली बार भी रांची के उसी जेल में पहुंच गया था जिसमें लालू यादव बंद थे। उस वक्त भी वह ऐसे ही किसी मामले में जेल में पहुंचा था।वहीं, लक्ष्मण यादव के बारे में बताया जा रहा है कि वह लालू का खास सेवक है, जो उनके खाने से लेकर दवा तक का पूरा ध्यान रखता है। बता दें कि लक्ष्मण वही शख़्स है जो पिछले साल एक टीवी चैनल के ऑडियो क्लिप में था और उसी के मोबाइल से सिवान जेल में बंद पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन ने लालू यादव से बातचीत करने के लिए फोन किया था और वह अॉडियो क्लिप वायरल हुआ था।अब ये राबड़ी देवी के लिए निश्चिंतता की बात है कि लालू यादव के इन दोनों सेवकों के जेल में लालू के साथ रहने से उनके खाने और दवा को लेकर जो उनकी चिंता है वो कम होगी। लेकिन ये दोनों सेवादार लालू के लिए कानूनी अड़चन पैदा कर सकते हैं। जेल में सेवा लेना लालू के लिए मुश्किल पैदा कर सकता है।

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