चारा घोटाला: लालू को जमानत से पहले हो सकती है फिर सजा

0
193

चारा घोटाले में सजा काट रहे लालू यादव के खिलाफ डोरंडा मामले में भी रांची की विशेष सीबीआइ अदालत में बुधवार को सुनवाई पूरी हो गई, इस मामले में अब 24 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी।
जागरण टीम, पटना/रांची। चारा घोटाला मामले में सजा काट रहे राजद सुप्रीमो लालू यादव को जमानत से पहले फिर से सजा हो सकती है। देवघर कोषागार से अवैध निकासी मामले में सजा मिलने के बाद आज रांची सीबीआई अदालत में डोरंडा मामले से अवैध निकासी मामले में सुनवाई पूरी हो गई और अब इस मामले में 24 जनवरी को सजा सुनाई जा सकती है। यहां से चारा घोटाले में सबसे ज्यादा निकासी का मामला है ।
चाईबासा मामले में फैसला 24 को
लालू प्रसाद से जुड़े चारा घोटाले की सुनवाई सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश एसएस प्रसाद की अदालत में हुई। मामले में सीबीआई की ओर से बहस पूरी हो गई। अदालत ने फैसले के लिए 24 जनवरी की तिथि निर्धारित की है।
चाईबासा कोषागार से 37.63 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से संबंधित मामले को लेकर चारा घोटाला कांड संख्या 68ए/96 के तहत प्राथमिकी दर्ज है। मामले में 55 से अधिक आरोपी ट्रायल फेस कर रहे हैं।
दो मामलों में पेश किए गए लालू प्रसाद, डॉ.आरके राणा और जगदीश शर्मा
सजायाफ्ता लालू प्रसाद और आर के राणा डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी से संबंधित मामले में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश प्रदीप कुमार की अदालत में पेश हुए। अदालत ने आरोपी और उनके अधिवक्ता को छोड़कर अन्य सभी लोगों को बाहर जाने का निर्देश दिया। कोर्ट रूम के दोनों ओर पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है।
अधिवक्ता को छोड़कर किसी अन्य लोगों भीतर नहीं जाने दिया जा रहा है। इधर, दुमका कोषागार से अवैध निकासी से संबंधित मामले में पीएसी के पूर्व अध्यक्ष जगदीश शर्मा और पूर्व सांसद डा. आरके राणा सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में पेश किए गए।
लालू प्रसाद भी शिवपाल सिंह के कोर्ट में पेश किए गए। कोर्ट रूम में अधिवक्ताओं की भीड़ लगी रही। साथ में लालू के बहुत करीबी कहे जाने वाले भोला यादव, झारखंड के पूर्व मंत्री सुरेश पासवान भी मौजूद रहे। लालू के लिए उनके सहयोगियों ने कोर्ट में चाय लाया। लालू ने दोनों हाथों से थर्मोकोल के कप से चाय की चुसकी ली।
पटना सीबीआइ कोर्ट से जारी हुआ प्रोडक्शन वारंट, नहीं आए लालू
बता दें कि पटना सीबीआइ कोर्ट के जज देवराज त्रिपाठी की अदालत से लालू सहित नौ आरोपितों के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी किया गया है। पटना में उनकी पेशी को लेकर अब स्थिति साफ हो गई है कि वो पटना नहीं आएंगे।
पटना कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट की प्रति रांची स्थित बिरसा मुंडा केन्द्रीय जेल अधीक्षक को मिल चुकी है, लेकिन बुधवार को उन्हें रांची की सीबीआइ अदालत में पेश होना है, इसीलिए किसी भी हाल में लालू नहीं आएंगे। वहीं सभी नौ आरोपित देवघर कोषागार से अवैध रूप से 89.27 लाख रुपये निकासी के मामले में सजा काट रहे हैं।
पटना में चल रहा चौथा मामला
चारा घोटाले के एक मामले का ट्रायल सीबीआइ पटना की विशेष अदालत में चल रहा है। भागलपुर, बांका कोषागार से जुड़े चारा घोटाला मामले में दायर आरोपपत्र में सीबीआइ ने आरोप लगाया है कि लालू प्रसाद को चारा घोटाले का 50 से 60 करोड़ रुपया दिया गया था।
रांची में नियमित हो रही सुनवाई
रांची की विशेष अदालत में लालू प्रसाद के खिलाफ चारा घोटाले के तीन मुकदमे चल रहे हैं। सभी मुकदमे में ट्रायल प्रतिदिन हो रहा है। ऐसे में लालू प्रसाद की पटना की विशेष अदालत में पेशी के लिए विशेष इंतजाम करने होंगे। पटना की विशेष अदालत सभी नौ आरोपितों का इंतजार कर रही है।
जब तक सभी आरोपित पेश नहीं किये जाते तब तक मुकदमे का ट्रायल आगे नहीं बढ़ेगा। यदि आठ आरोपित भी पेश किये जाएं और एक नहीं पेश किया जाए तो भी पटना में ट्रायल बाधित ही रहेगा।
पटना में जो मुकदमा चल रहा है, वह भागलपुर और देवघर कोषागार से लाखों रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है। मुकदमे में सीबीआइ की ओर से अभी तक 75 गवाह गवाही दे चुके हैं, जब तक सभी की पेशी नहीं होगी तब तक गवाही स्थगित रहेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here