पंजाब के बाद अब गारमेंट हब बनेगा बिहार, आ रहे लुधियाना के निवेशक

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पंजाब के बाद अब बिहार गारमेंट्स हब बनेगा। इसके लिए लुधियाना के 20 बड़े निवेशकों ने बिहार में उद्योग लगाने की रुचि दिखाई है। इन निवेशकों ने 1,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है
पटना । निजी निवेश आकर्षित करने के लिए हाल में आरंभ हुई मुहिम रंग दिखाने लगी है। लुधियाना के 20 बड़े निवेशकों की बिहार में उद्योग लगाने की रूचि से इस मुहिम को बल मिला है। इन निवेशकों ने 1,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है, जबकि पिछले साल करीब 5,020 करोड़ के 539 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई जिनमें से करीब 995 करोड़ का निवेश हो चुका है।
नई उद्योग नीति के तहत उद्योग विभाग ने 2016 के अंत में उद्यमियों के लिए विशेष रियायतों की घोषणा की, जिसके 2017 में बेहतर नतीजे सामने आए। सस्ते दर पर लीज पर जमीन देने, इंटरेस्ट सब्सिडी, बिजली बिल में रियायत जैसे कई कदम उठाए गए। प्रस्तावों को मंजूरी देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को सुदृढ़ किया गया।
पिछले वर्ष निवेश के 604 प्रस्ताव आए थे, जिनमें से 539 को रिकार्ड कम समय में मंजूरी दी गई। अब नया साल आरंभ होते ही लुधियाना से अच्छी खबर आई है। वहां के 20 बड़े निवेशक प्रदेश के डेहरी आनसोन में करीब 1,000 करोड़ का निवेश कर गारमेंट्स की फैक्ट्री लगाने को तैयार हैं।
डेहरी आनसोन का चयन उन्होंने इस कारण किया है क्योंकि यह दिल्ली-कोलकाता स्वर्णिम चतुर्भुज मार्ग पर अवस्थित है, और भविष्य में इसके निकट एयरपोर्ट बनाने की योजना है।
दरअसल, ये बड़े निवेशक पिछले सप्ताह लुधियाना के निटवेयर एंड एपैरल एक्सपोर्ट्स आर्गनाइजेशन के अध्यक्ष हरिश दुआ के साथ प्रदेश के दौरे पर आए थे। इस प्रतिनिधिमंडल ने उद्योग विभाग के प्रधान सचिव डा. एस. सिद्धार्थ के अलावा बिहार चैंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष पीके अग्रवाल के साथ बैठक की थी।
प्रतिनिधिमंडल बिहार में उद्योग स्थापित करने वालों को दी जाने वाली विशेष रियायत से बहुत प्रभावित था। इसने बिहटा और डेहरी आनसोन का भ्रमण भी किया था। उद्योग विभाग ने इन्हें डेहरी आनसोन में 70 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है।
निवेश के पिछले साल जो प्रस्ताव आए थे उनमें वैशाली में 3611.20 करोड़ की लागत से 500 मेगावाट का सोलर पावर जेनरेशन प्लांट, कैमूर में 111.67 करोड़ की लागत से सीमेंट फैक्ट्री लगाने के प्रस्ताव शामिल हैं। इनके अलावा खाद्य प्रसंस्करण की 262 इकाइयों को भी मंजूरी प्रदान की गई है जिससे 1310.13 करोड़ का निवेश होगा।

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