बेनामी संपति के ख‍िलाफ मोदी सरकार का एक्शन, 3500 करोड़ से भी ज्यादा की संपति जब्त

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मोदी सरकार लगातार बेनामी संपति के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज करती जा रही है. गुरुवार को वित्त मंत्रालय ने बताया कि आयकर विभाग ने बेनामी लेनदेन (प्रतिबंध) एक्ट के तहत अभी तक 3500 करोड़ रुपये की संपति अटैच की है. वित्त मंत्रालय ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. मंत्रालय ने बताया कि आयकर विभाग लगातार बेनामी संपति के ख‍िलाफ अपनी कार्रवाई को धार दे रहा है. आयकर विभाग ने काले धन और बेनामी संपति पर श‍िकंजा कसने के लिए विभाग ने विशेष अभ‍ियान चलाया है. मंत्रालय के मुताबिक विभाग की तरफ से उठाए गए कदम और उनकी तरफ से लिए गए एक्शन की वजह से 900 से ज्यादा मामलों में प्रोविजन अटैचमेंट किया है. इस कार्रवाई के तहत विभाग ने प्लॉट, जमीन, फ्लैट, दुकानें, ज्वैलरी और वाहन भी अटैच किए हैं. इसके अलावा विभाग ने कई लोगों के बैंक अकाउंट और फिक्स्ड डिपोजिट्स को भी अपने कब्जे में लिया है.वित्त मंत्रालय ने बताया कि आयकर विभाग ने बेनामी संपति पर श‍िकंजा कसने के लिए 24 बेनामी प्रतिबंध यूनिट्स (BPUs) बनाई हैं. ये यूनिट्स इन्वेस्टिगेशन डायरेक्टोरेट्स के तहत बनाई गई हैं. इन यूनिटों को पिछले साल मई महीने में बनाया गया था. इन यूनिट्स को स्थापित करने का लक्ष्य बेनामी सपंति के ख‍िलाफ तुरंत कार्रवाई करना है. इससे पहले आयकर विभाग बुधवार को आम लोगों को बेनामी संपति से दूर रहने की हिदायत दी थी. उसने कहा है कि बेनामी लेनदेन से दूर रहें, वरना नये कानून के तहत 7 साल की जेल और जुर्माना लग सकता है. आयकर विभाग ने देश के प्रमुख अखबारों में यह अलर्ट जारी किया है. अखबारों में छपे इस अलर्ट को ‘बेनामी लेनदेन से दूर रहें’ शीर्षक के साथ प्रकाश‍ित किया गया है. इसमें कालेधन को इंसानियत के ख‍िलाफ अपराध करार दिया गया है. विभाग ने विज्ञापन में आम लोगों को कालेधन से निपटने में सरकार की मदद करने का आह्ववान किया है.इनकम टैक्स विभाग के विज्ञापन में कहा गया है, ”बेनामीदार (जिसके नाम पर बेनामी संपति रजिस्टर है), लाभकारी (जिसने इसके लिए कीमत चुकाई है) व ऐसे लोग जो बेनामी लेनदेन करते हैं, उन्हें 7 साल तक की जेल की कड़ी सजा हो सकती है. इसके अलावा उन पर बेनामी संपति की मार्केट वैल्यू के हिसाब से 25 फीसदी जुर्माना भी लगाया जा सकता है.”
टैक्स विभाग ने 1 नवंबर, 2016 से अक्टूबर, 2017 तक 1833 करोड़ रुपये की बेनामी संपति जब्त की. इस दौरान उसने 517 नोटिस भेजे. 541 जब्ती की कार्रवाई की. बता दें कि विभाग ने नये बेनामी लेनदेन (प्रतिबंध) संशोधन एक्ट, 2016 के तहत 1 नवंबर, 2016 से कार्रवाई शुरू कर दी थी. विज्ञापन में आगे कहा गया है कि जो लोग इस एक्ट के तहत गलत जानकारी मुहैया कराएंगे, उन्हें 5 साल तक जेल की सजा हो सकती है. इसके अलावा उन पर बेनामी संपति की मार्केट वैल्यू के हिसाब से 10 फीसदी जुर्माना भी लगेगा.
आयकर विभाग ने कहा है कि बेनामी सपंति को सरकार जब्त कर सकती है और वह सीज करने का अध‍िकार भी रखती है. आयकर विभाग ही बेनामी एक्ट को लागू करने वाला नोडल विभाग है.

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