कृषि उपकरणों और हरित वाहनों पर दरें घटा सकती है जीएसटी परिषद

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वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद अगले हफ्ते होने वाली अपनी बैठक में बायो-डीजल बसों, इलेक्ट्रिक वाहनों और सिंचाई के कुछ उपकरणों जैसे कुछ वस्तुओं पर कर की दरों में कटौती कर सकती है। इस कदम का मकसद कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है। 1 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट से पहले संभवत: यह जीएसटी परिषद की अंतिम बैठक होगी। दरों में कटौती के लिए अपेक्षाकृत छोटी सूची को इस हफ्ते फिटमेंट समिति द्वारा अंतिम रूप दिया गया था जिस पर केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद की बैठक में निर्णय लिया जा सकता है।
मामले के जानकार राज्य सरकार के एक अधिकारी ने कहा, ‘ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली वस्तुओं को ही परिषद की आगामी बैठक में दरें घटाने के लिए चुना गया है। 28 फीसदी कर दायरे वाली अन्य वस्तुओं पर इस बार विचार नहीं किया जाएगा क्योंकि राजस्व संग्रह में अभी स्थिरता नहीं आई है।’ सिंचाई उपकरणों की दरें 18 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी की जा सकती है, वहीं बायो-डीजल और इलेक्ट्रिक वाहनों पर दरें 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी की जा सकती है।
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अग्रिम अनुमान में वित्त वर्ष 2018 में कृषि क्षेत्र की विकास दर घटकर 2.1 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है। रबी फसलों के उत्पादन में गिरावट की उम्मीद और खरीफ की पैदावर करीब 3 फीसदी घटने की वजह से कृषि क्षेत्र के प्रदर्शन पर असर पडऩे का अनुमान लगाया गया है।
डेलायट इंडिया के पार्टनर एमएस मणि ने कहा, ‘जीएसटी परिषद कुछ चीजों पर दरें घटाने पर विचार कर सकती है, जिनमें कृषि उपकरण और कृषि क्षेत्र से संबंधित चीजें हो सकती हैं। नवंबर में राजस्व में कमी को देखते हुए सरकार दरों में कटौती को लेकर ज्यादा सतर्कता बरत सकती है।’आम चुनाव से पहले अंतिम संपूर्ण बजट में सरकार द्वारा ग्रामीण, कृषि और छोटे उपक्रमों को बढ़ावा देने के उपायों की घोषणा की जा सकती है।
अप्रत्यक्ष कर से संबंधित निर्णय अब जीएसटी परिषद द्वारा लिए जाते हैं। कर्नाटक ने पर्यावरण अनुकूल बायो डीजल बसों को बढ़ावा दे रही है। कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम ने बायो डीजल से चलने वाली कुछ बसें शुरू की हैं। नवंबर में 200 से ज्यादा वस्तुओं पर दरों में कटौती की गई थी लेकिन आगे बड़ी कटौती के लिए राजस्व संग्रह के मोर्चे पर सहज स्थिति के बाद ही निर्णय लिया जा सकता है। ऐसे में अभी इसके लिए इंतजार करना पड़ सकता है। परिषद डिजिटल कैमरा पर दरें 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने के प्रस्ताव पर भी विचार रक सकती है। निकॉन, कैनन और सोनी जैसी कंपनियों ने स्मार्टफोन से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच उद्योग के हित में दरें घटाने की मांग की है।

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