आगरा एक्सप्रेस-वे पर 19 जनवरी से लगेगा टोल, जानें किस गाड़ी को कितना देना होगा शुल्क

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के लिए टोल दरें निर्धारित कर दी हैं। ये दरें आगामी 19 जनवरी की मध्य रात्रि से लागू होंगी। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के लिए वर्ष 2017-18 के लिए विभिन्न प्रकार के वाहनों की दरें निर्धारित कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि निर्धारित टोल दर 25 प्रतिशत छूट के बाद कार, जीप, वैन या हल्के मोटर वाहन के 760 और 570 रुपया, हल्के व्यवसायिक वाहनों एवं मिनी बस आदि के लिए 1205 से 905 रुपया। बस और ट्रक के लिए 2420 से 1815, भारी निर्माण कार्य मशीन (एचसीएम) भू-गतिमान उपस्कर (ईएमई) या बहुधुरीय यान (एमएवी) बहुधुरी वाहनों के लिए 3715 से 2785 रुपया और विशाल आकार यान या अधिक धुरीय वाहन के लिए 4770 से 3575 रुपया टोल टैक्स निधारित किया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि यह टोल दरें आगरा से लखनऊ तक की यात्रा के लिए हैं तथा बीच के टोल बूथों पर निर्धारित की गई हैं। उन्होंने बताया कि लखनऊ-कानपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल दूरी 364 किलोमीटर है तथा उस पर कार के लिए टोल दर 390 रुपए है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा करने से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की तुलना में कुल 62 किलामीटर की दूरी अधिक है। इसके कारण ईंधन के रूप में लगभग 300 रुपए अधिक व्यय करने पड़ते हैं। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग से आगरा से लखनऊ यात्रा करने पर लगभग 690 रुपए का व्यय आता है जबकि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की दूरी 302 किमी है तथा 25 प्रतिशत छूट के बाद कार पर टोल दर 570 रुपए निर्धारित की गई है। साथ ही, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर यात्रा में लगभग 2 घंटे के समय की बचत भी होगी।
इस प्रकार, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की टोल दरें औचित्यपूर्ण और जनहित में हैं। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस- राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मु्य न्यायमूर्ति, राज्यपाल, उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री, केन्द्रीय और राज्य विधानमण्डल के अधिकारिता रखने वाले पीठासीन अधिकारी, लोकसभा, राज्यसभा और राज्य विधान मंडलों के अधिकारिता से युक्त विरोधीदल के नेता, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश, राज्य के विधान परिषद के सभापति, राज्य के विधानसभा के अध्यक्ष, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, मंत्री, सरकार के सचिव और आयुक्त, राज्य के दौरे पर आए उच्च पदस्थ विदेशी व्यक्ति, सी.डी. प्रतीक के साथ कार का प्रयोग करने वाले भारत में संस्थापित विदेशी मिशनों के प्रधान, समस्त सरकारी वाहन, सरकारी कार्य के लिए प्रयुक्त वाहन, रक्षा मंत्रालय के वाहनों और एम्बुलेंस आदि वाहनों को छूट रहेगी।

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