आरएमआरआइ में तैयार 150 बेड का अस्पताल बेहद खास

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केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, भारत सरकार द्वारा अगमकुआं के आरएमआरआइ अस्पताल परिसर में बने नए भवन का उदघाटन केंद्रीय मंत्री करेंगे।
पटना सिटी। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, भारत सरकार द्वारा अगमकुआं के राजेन्द्र स्मारक चिकित्सा विज्ञान अनुसंधान संस्थान (आरएमआरआइ) परिसर में निर्मित ट्रॉपिकल डिजीज रिसर्च सेंटर सह 150 बेड के अस्पताल का उद्घाटन 19 जनवरी को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा करेंगे। यह जानकारी मंगलवार को आरएमआरआइ के निदेशक व देश के जानेमाने वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप दास ने दिया। उन्होंने बताया कि श्री नड्डा ने इस कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति दे दी है। यह अस्पताल कई मामलों में बेहद खास है। बिहार में बह रही विकास की बयार के बीच आम लोगों के लिए शुरू होने वाले इस अस्पताल को एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। उद्घाटन समारोह में कई केन्द्रीय मंत्री, सांसद, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी समेत अन्य मंत्री मौजूद रहेंगे।
निदेशक श्री दास ने बताया कि 150 बेड वाले इस अस्पताल में विशेष चिकित्सकों द्वारा यहां मरीजों का इलाज होगा। बीमारियों के इलाज पर शोध के साथ विभिन्न संक्रामक रोग की जांच व इलाज की भी सुविधा होगी। श्री दास ने बताया कि छह बेड की इमरजेंसी, छह बेड की आइसीयू एवं दो ओटी की सुविधा यहां उपलब्ध होगी। एक्सरे, अल्ट्रासाउंड से लेकर सीटी स्कैन तक की जांच मरीजों की होगी। अपना ब्लड बैंक स्थापित किया जाएगा।
– इन विभागों का चलेगा ओपीडी
आरएमआरआइ निदेशक डॉ. प्रदीप दास ने बताया कि अस्पताल में मेडिसीन विभाग, शिशु रोग विभाग, सर्जरी विभाग, वायरोलोजी विभाग, पैथोलोजी विभाग, चेस्ट, जेनेटिक आदि का ओपीडी चलेगा। अपने क्षेत्र के जानेमाने विशेष चिकित्सक मरीजों का इलाज करने के लिए उपलब्ध होंगे।
-इन संक्रामक रोगों का होगा इलाज
ट्रॉपिकल डिजीज सेंटर में वेंकटर बॉर्न डिजीज यानी जेपेनीज इंसेफलाइटिस, चिकनगुनिया, कोढ़, टीवी के एमडीआर व एक्सडीआर स्तर, डेंगू, कालाजार, मलेरिया, फाइलेरिया जैसे रोगों की जांच एवं इलाज होगा। इसके अलावा वाटर बॉर्न डिजीज यानी पेट संबंधी डायरियल बीमारी एवं वायरल इंफेक्टेड बिमारियों की जांच होगी।
– सभी तरह की जांच न्यूनतम शुल्क पर
आरएमआरआइ स्थित अत्याधुनिक उपकरणों से लैस सेंट्रल लैब में सभी तरह की जांच सुविधा उपलब्ध है। अब तक यहां सभी जांच बिना किसी शुल्क के की जा रही थी। निदेशक ने बताया कि 15 फरवरी से जांच के लिए न्यूनतम शुल्क लिया जाएगा।

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