नोटबंदी के 14 माह बाद कानपुर में 90 करोड़ रूपये के पुराने नोट बरामद, नौ पकड़े गए

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नोटबंदी के 14 माह बीतने के बाद पुराने नोट का निस्तारण न करने वाले कानपुर के दो नामी लोगों समेत सात को पुलिस ने 90 करोड़ रुपये के पुराने नोटों के साथ पकड़ा।
कानपुर (जेएनएन)। नोटबंदी के 14 माह बीतने के बाद भी पुराने नोट का निस्तारण न करने वाले कानपुर के दो नामी लोगों समेत सात को पुलिस ने करीब 90 करोड़ रुपये के पुराने नोटों के साथ पकड़ा। ये नोट पूर्वांचल के एक्सचेंज करने वालों के माध्यम से खपाए जाने थे। एसएसपी अखिलेश कुमार ने आइजी क्राइम ब्रांच की सूचना पर एसपी पश्चिम डॉ. गौरव ग्रोवर व एसपी पूर्वी अनुराग आर्य की टीम के साथ स्वरूपनगर, गुमटी, जनरलगंज व अस्सी फिट रोड स्थित व्यापारियों के प्रतिष्ठानों में छापेमार कर नकदी बरामद की। देर रात तक पुलिस पूछताछ के आधार पर छापेमारी करती रही।
वहीं, आयकर टीम पकड़े गए लोगों से पूछताछ व उनसे बरामद रकम की गिनती करती रही। शहर में इतनी ज्यादा मात्रा में पुराने नोट लोगों के घरों व गोदामों में रखे है और संबंधित विभागों को जानकारी तक नहीं। पुलिस की इतनी बढ़ी रकम बरामदगी के बाद आयकर विभाग से लेकर विजलेंस टीम तक की आंखें फटी की फटी रह गईं। इस बरामदगी के बाद आयकर टीम ने शहर के अन्य नामी हस्तियों पर अपनी नजर गड़ा दी है। एसएसपी अखिलेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल व छापेमारी जा रही है।
पांच गुना टैक्स के साथ जाना होगा जेल
पुरानी करेंसी रखने पर जेल जाने के साथ इन लोगों के बरामद रकम पर पांच गुना आयकर देना होगा। जमा न करने की स्थित पर इसकी रिकवरी उनकी चल-अचल संपत्ति से की जायेगी।
”पुराने नोटों की बड़ी खेप पकड़ी गई है। मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। शहर में पकड़े गए लोगों के अन्य प्रतिष्ठानों पर भी छापेमारी की जा रही है। आयकर विभाग के अधिकारी भी जांच कर रहे हैं। रकम की गिनती चल रही है। कुल बरामद रकम की सही स्थिति बुधवार तक स्पष्ट हो सकेगी।
अखिलेश कुमार, एसएसपी
एनआरआई कोटे से नोट बदलने का चला रहे थे खेल
स्वरूप में करीब 90 करोड़ रुपये की नकदी के साथ गिरफ्तार कारोबारी और मनी एक्सचेंजर एनआरआइ कोटे के तहत नोट बदलने का खेल कर रहे थे। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि इन लोगों ने नोट बदलवाने के नाम पर कई लोगों से एक हजार और पांच सौ रुपये के नोट इकट्ठा किये थे। इन नोटों को हवाला के माध्यम से दुबई और अमेरिका भेजा जाना था। आरोपियों के साथ पकड़ा गया हैदराबाद निवासी कोटेश्वर हवाला के माध्यम से नकदी बाहर भेज रहा था। पुलिस ने इनके पास से बरामद रकम गिनने के लिए कई मशीनें मंगाई हैं। देर रात तक नोटों की गिनती जारी रही।
एसएसपी अखिलेश कुमार ने बताया कि कपड़ा कारोबारी व बिल्डर आनंद खत्री के यहां से पुराने नोट की बढ़ी खेप बरामद हुई है। इसके साथ ही मोहित व संतोष नाम के युवक भी पकड़े गए है। इनकी निशान देही पर पुराने नोट के बदले नए नोट बदलने का खेल करने वाले सात और लोगों को पकड़ा गया है। पकड़े गए लोगों में हैदराबाद के भी दो व्यक्ति शामिल है। यह लोग विदेश की कंपनी के माध्यम से रुपया बदलने की बात कह कर लोगों से रकम जुटा रहे थे। पकड़ी गई रकम में करीब आधा पैसा आनंद खत्री का है। शेष रकम किसकी है, इस खेल में और कौन कौन शामिल है और अभी और कहां कहां रकम हो सकती है, इसका पता लगाया जा रहा है।
देर रात आयकर विभाग ने शुरू की छापेमारी
कपड़ा कारोबार के साथ साबुन व प्रापर्टी डीलिंग का काम करने वाले आनंद खत्री के ठिकानों पर आयकर विभाग ने देर रात छापेमारी शुरू कर दी। काहूकोठी व जनरलगंज समेत स्वरूपनगर स्थित घर व शोरूम पर भी आयकर की टीम पहुंची और जांच में जुट गई। टीम दुकान के लेजर बुक व गोदाम के स्टाक का मिलान करती रही।
छापेमारी के बाद कपड़ा कारोबारियों में हलचल
आनंद खत्री के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही कपड़ा कारोबारियों में कानाफूसी शुरू हो गई। कपड़ा कमेटी के पदाधिकारी भी सक्रिय हो गए। देर रात छापेमारी की सूचना मिलने के बाद कपड़ा बाजार में हलचल मच गई। लोग फोन पर एक दूसरे से पल-पल की जानकारी मांगते रहे।
मेरठ में भी जुड़ रहे थे हवाला से तार
कानपुर आरबीआइ के क्षेत्र में आने वाले मेरठ में 29 दिसंबर को एक बिल्डर्स के यहां से बरामद 25 करोड़ रुपये के पुराने नोट के मामले में भी हवाला का मामला सामने आ रहा था। हालांकि आयकर विभाग अभी मेरठ मामले की जांच कर रहा है लेकिन जांच के दायरे में 14 बिल्डर्स के शामिल होने के बाद खलबली मची हुई है। प्राथमिक पूछताछ में पता चला था कि रकम को बदलवाने के लिए रखा गया है और हवाला के जरिये ये रकम बदलने के लिए विदेश भेजी जानी थी।

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