‘दिवालिया’ होने के कगार पर अमेरिका, ‘शटडाउन’ पर ट्रंप की कोशिश फेल; सीनेट में बिल नहीं हुआ पास

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एक बार फिर ‘दिवालिया’ होने की कगार पर अमेरिका आ खड़ा हुआ है। ‘शटडाउन’ पर ट्रंप की कोशिशें फेल, सीनेट में फंडिंग बिल खारिज।
वाशिंगटन (प्रेट्र)। अमेरिका एक बार फिर ‘शटडाउन’ की कगार पर है। ‘शटडाउन’ टालने के लिए अमेरिकी सरकार की कोशिशों को तगड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सीनेट ने संघीय सरकार को आर्थिक मदद प्रदान करने वाले विधेयक को मंजूरी नहीं दी है। हालांकि निचले सदन प्रतिनिध सभा ने इसे गुरुवार रात को पारित कर दिया था।
विधेयक के पक्ष में पड़े 50 वोट
अमेरिकी सीनेट के फैसले ने डोनाल्ड ट्रंप सरकार को आंशिक और अनिश्चित बंद का धक्का दिया है। क्योंकि ऐसे स्थिति में आर्थिक मंजूरी के अभाव में देश में सरकारी कामकाज ठप हो जाएगा। शुक्रवार की रात को रिपब्लिकन द्वारा पेश किए गए बजट प्रस्ताव के पक्ष में समर्थन में ज्यादा वोट मिले, लेकिन वे पर्याप्त नहीं थे। बजट प्रस्ताव के समर्थन में 50 वोट पड़े बल्कि खिलाफ 48 वोट थे। लेकिन ये संख्या फंड को स्वीकार करने के लिए अपर्याप्त थी, जिन्हें 60 सीनेटर्स के समर्थन की आवश्यकता थी।
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समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, 16 फरवरी तक सरकार को फंड देने के लिए एक समझौता रिपब्लिकन-नियंत्रित हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव द्वारा गुरुवार को पारित किया गया था, ताकि अंतिम बजट के लिए डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन के बीच बातचीत अवधि का विस्तार हो सके। हालांकि, डेमोक्रेट्स ने वित्तपोषण बिल को समर्थन देने के लिए ट्रंप प्रशासन के सामने 800,000 ‘ड्रीमर्स’ के लिए शर्त रखी थी।
‘द गार्जियन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, संघीय कानून के मुताबिक यदि कांग्रेस ने उन्हें निधि देने के लिए पैसा नहीं दिया, तो एजेंसियों को बंद करना पड़ेगा। पिछले शटडाउन में होमलैंड सिक्योरिटी विभाग और एफबीआई के कामों को आवश्यक माना गया, इसलिए इनका काम जारी रहा था।
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सत्तारूढ़ रिपब्लिकन पार्टी के बहुमत वाली प्रतिनिधि सभा में तो यह विधेयक आसानी से पारित हो गया था, लेकिन सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत होने के बावजूद इसे पारित कराने के लिए विपक्षी डेमोक्रेट पार्टी के समर्थन की दरकार थी। रिपब्लिकन पार्टी के तीन सीनेटर इस बिल के विरोध में थे, जबकि एक सीनेटर कैंसर के इलाज के लिए अपने घर ऐरीजोना में हैं।
‘ड्रीमर्स’ को निर्वासन से बचाया जाए: डेमोक्रेट पार्टी
उधर, इमीग्रेशन के मसले पर डेमोक्रेट पार्टी की मांग है कि करीब सात लाख ‘ड्रीमर्स’ को निर्वासन से बचाया जाए। ‘डेफर्ड एक्शन फॉर चिल्ड्रन अराइवल’ (डीएसीए) योजना को ‘ड्रीमर्स’ भी कहते हैं। बता दें कि डीएसीए वर्ष 2012 में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में शुरू किया गया एक सरकारी कार्यक्रम था। इसके तहत गैरकानूनी ढंग से अमेरिका पहुंचे बच्चों को अस्थायी रूप से रहने, पढ़ने और काम करने का अधिकार दिया गया। ये बच्चे मुख्यत: मैक्सिको और मध्य एशिया से अमेरिका पहुंचे थे, जिन्हें ओबामा के कार्यकाल में अस्थानी कानूनी दर्जा प्रदान किया गया था। लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ड्रेमोक्रेट्स की इस मांग को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। ट्रंप ने ट्वीट कर कहा, ‘सीनेट से पारित कराने के लिए डेमोक्रेट की जरूरत है, लेकिन वे गैरकानूनी इमीग्रेशन और कमजोर सीमाएं चाहते हैं।’
डेमोक्रेट पार्टी को मनाने की ट्रंप ने कई कोशिश की
डेमोक्रेट पार्टी को मनाने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्लोरिडा में मार-ए-लागो रिजॉर्ट जाने का अपना कार्यक्रम तक स्थगित कर दिया था और सीनेट में डेमोक्रेट पार्टी के नेता चक शूमर से मुलाकात भी की। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी मार्क शॉर्ट ने बताया कि राष्ट्रपति डेमोक्रेट्स को मनाने का प्रयास कर रहे हैं और वह लगातार ऐसा करते रहेंगे। उन्होंने कहा था कि डेमोक्रेट्स के साथ अभी तक की बातचीत फलदायी रही है।
बता दें कि जब भी शटडाउन होता है तो हजारों ‘गैर-जरूरी’ संघीय कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया जाता है, सिर्फ लोगों की सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा में लगे ‘जरूरी’ कर्मी ही कार्यरत रहते हैं। 1995 के बाद से तीन बार ऐसी स्थिति आ चुकी है।

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