बिहार : प्रॉपर्टी डीलर के अगवा बेटे की हत्या, अपहर्ता मांग रहा था 25 लाख की फिरौती

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दुस्साहस. हत्या के बाद भी अपहर्ता मांग रहा था 25 लाख की फिरौती, हत्यारा गिरफ्तार
पटना : अगमकुआं थाना क्षेत्र के कुम्हरार चाणक्य नगर महावीर स्थान इमलीतल से 17 जनवरी को अगवा किये गये प्रोपर्टी डीलर सुधीर कुमार के बेटे रौनक की हत्या कर दी गयी. पुलिस ने शुक्रवार को संदलपुर इलाके में स्थित शुभम शृंगार दुकान के अंदर से रौनक का शव बरामद कर लिया. वह दुकान में फर्श पर पड़ा था.
कई जगहों पर चोट के निशान थे और वह खून से लथपथ था. पुलिस ने इस मामले में हत्यारे व शृंगार दुकान के दुकानदार विक्रांत उर्फ विक्की को बहादुरपुर रेल लाइन के किनारे से गिरफ्तार कर लिया. वह वहां पर फिरौती की रकम लेने पहुंचा था. विक्रांत रौनक के घर के पास ही रहता है और उसके परिवार में आना-जाना था. इस मामले में विक्रांत के पिता समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है और पूछताछ की जा रही है.
पूछताछ के बाद यह जानकारी मिली कि रौनक को स्कूल जाने के क्रम में नौ बजे सुबह विक्रांत अपनी बाइक पर बैठा कर दुकान पर लाया. उसने रौनक की पहले पिटाई की और फिर धारदार शीशे को गर्दन पर रख कर हाथ-पांव बांध दिया. सुबह 11 बजे दिन से ही उसने फिरौती के रूप में 25 लाख मांगना शुरू कर दिया. फिर उसी दिन शाम छह बजे गला दबा कर हत्या कर दी. यह भी आशंका जतायी जा रही है कि नाक में भी टेप लगाने के कारण दम घुटने से उसकी मौत हो गयी. इसके पूर्व वह रौनक के हाथ-पांव बांधने के साथ ही मुंह व नाक पर टेप लगा दिया था. और, दुकान में ही रौनक को उसी हालत में छोड़ कर अपने चाचा अंकित के दानापुर स्थित घर पर चला गया. अंकित को भी इसमें शामिल करना चाहा, लेकिन उसने इन्कार कर दिया. इसके बाद से 17 जनवरी को उसने लगातार तीन बार फोन किया और फिरौती की रकम मांगनी शुरू कर दी. पिता सुधीर कुमार ने विक्रांत को पैसे देने की बात भी स्वीकार कर ली, लेकिन उसने फिर भी उसकी हत्या कर दी.
क्योंकि उसे डर था कि अगर वह पैसा ले भी लेता है और उसे छोड़ देता है तो रौनक सबको उसके विषय में बता देगा और वह पकड़ा जायेगा.
इधर, कुम्हरार पंचित बैठका चाणक्य नगर में गुरुवार की शाम पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव रौनक के घर पहुंचे और पिता से घटनाक्रम की जानकारी ली. पूर्व उपमुख्मंत्री ने कहा कि सूबे में अपराध का बोलबाला है, आम लोग सुरक्षित नहीं हैं,
कहां है सुशासन.
– हत्यारे ने कहा कर्ज होने के कारण किया था अपहरण
पकड़े जाने के बाद हत्यारे विक्रांत ने बताया कि उसके ऊपर कई लोगों के तीन लाख रुपये से अधिक कर्ज हो गया था और उसे वह चुका नहीं पा रहा था. लोग पैसे मांग रहे थे, जिस कारण उसने 15-20 दिन पहले ही रौनक को अगवा कर उसके पिता से फिरौती की रकम वसूलने की योजना बना ली थी.
विक्रांत लड़के को लगातार उसके स्कूल में एडमिशन का फॉर्म भरने की बात कह रहा था. फॉर्म भरवाने के नाम पर ही वह उसे अपने साथ दुकान पर ले गया. उसने घटना में किसी और की संलिप्तता से इन्कार किया है और बताया कि उसने अकेले ही हत्या की और फिरौती की रकम मांगी.
– मामले में पूर्व विधायक के बेटे का भी हाथ
हालांकि सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान एक पूर्व विधायक के बेटे का भी नाम सामने आया है. उसकी भूमिका की जांच की जा रही है और वह पुलिस हिरासत में है. विक्रांत जिस सिम का इस्तेमाल कर रहा था, वह किसी दूसरे के नाम पर है. उसकी भी भूमिका के संबंध में जांच की जा रही है.
पटना/पटना सिटी : इस मामले के खुलासा करने में सीसीटीवी कैमरे के वीडियो फुटेज से भी काफी मदद मिली. इसमें यह साफ हो गया था कि वह किसी की बाइक पर बैठ कर कुम्हरार पुल से जा रहा है. पुलिस ने एक तरह से विक्रांत की पहचान कर ली थी, लेकिन पुष्टि नहीं हो पायी थी.
पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया, लेकिन वह 17 जनवरी की रात से लेकर 18 जनवरी की शाम तक छकाता रहा. सुधीर कुमार लगातार अपहरणकर्ता से संपर्क मेें थे और उसे रुपये देने के लिए बुला रहे थे. इस दौरान दानापुर से लेकर उसने बहादुरपुर तक कई जगहों पर पैसा का बैग लेकर बुलाया, लेकिन नहीं लिया.
इस दौरान उसका फोन भी टेप होता रहा. फोन करने वाले ने अपना नाम छोटू बताया था. अंत में वह बहादुरपुर रेल लाइन पर पैसे लेने पहुंचा और पकड़ा गया. फोन में अपहरणकर्ता व रौनक के पिता हुई बातचीत के तमाम रिकॉर्ड है और वह काफी धीमे आवाज में निर्देश दे रहा था. इस दौरान सुधीर कुमार ने मोल-तोल भी जारी रखा और अपहरणकर्ता 25 लाख की राशि से घटकर 20 लाख लेने को तैयार हो गये थे.
– काश, साथ जाती बहन
कुम्हरार पंचित बैठका चाणक्य नगर मुहल्ला में पुश्तैनी मकान में रहने वाले प्रोपटी सुधीर कुमार के 16 वर्षीय पुत्र रौनक घर में सबसे छोटा था. बड़ा भाई राहुल व बहन सपना का दुलारा था. सपना को इस बात का मलाल है कि हर रोज दोनों भाई बहन साथ स्कूल जाते थे. घटना के दिन रौनक घर से पहले निकला था, इसके चार से पांच मिनट बाद बहन सपना भी स्कूल के लिए निकली थी.
– गम में डूब गया मुहल्ला
रौनक की अगवा कर हत्या करने का मामला प्रकाश में आते ही मुहल्ला गम में डूब गया. मुहल्ला की महिलाएं घर पर बेटे के कुशल लौटने का इंतजार
कर रही मां रंजू देवी व बहन सपना को हिम्मत बंधा रही थी. हालांकि दरवाजा बंद था, घर के अंदर
किसी को आने-जाने की अनुमति नहीं थी. स्थानीय लोग बताते हैं कि 70 से 75 मकान के वाले गांव
में हर किसी का मकान पुश्तैनी है. यहां तक की
सुधीर के पिता जी स्वर्गीय बाके बिहारी भी इसी मकान में रहते थे.
– ग्लूकोज डाल गुनगुना पानी दो, धैर्य रखें, मिलेगा इंसाफ
शुभम शृंगार गिफ्ट कॉर्नर के बाहर कुर्सी पर बेटा खोने के गम में बैठे पिता सुधीर कुमार को चक्कर आ रहे थे. आलमगंज के थानाध्यक्ष ओम प्रकाश सटे चाय के दुकानदार को कहते है गुनगुना पानी दो, ग्लूकोज डालकर पिलाना है. वो पिता को समझाते है धैर्य रखे, मिलेगा इंसाफ. भाई खोने के गम में डूबे राहुल भी पिता को पकड़ ढांढ़स बंधाता है. लेकिन खुद के आंखों से आंसू छलक रहे हैं.
खोये हुए मोबाइल से मांग रहा था फिरौती
पटना : हत्या के मामले में पकड़ा गया शृंगार दुकान के दुकानदार विक्रांत उर्फ विक्की कई दिनों से उसे अगवा करने की सोच रहा था. इस दौरान उसे किसी का खोया हुआ मोबाइल मिल गया. लेकिन उक्त मोबाइल में लगे सीम को संबंधित व्यक्ति ने लॉक नहीं कराया था.
इसके बाद उसने उसी मोबाइल से पूरा प्लान बनाया और फिर उसने फिरौती मांगी. पुलिस ने जब नंबर का पता किया तो वह भूतनाथ रोड के एक व्यक्ति का निकला, जिसने मोबाइल व सीम गुमशुदगी की रिपोर्ट अगमकुआं थाने में ही दर्ज करा रखी थी. इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की और फिर छोड़ दिया.

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