बैंकों ने देश के बड़े बिटकॉइन एक्सचेंजों के अकाउंट्स सस्पेंड किए

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सचिन दवे/सलोनी शुक्ला, मुंबई
देश के कुछ बड़े बिटकॉइन एक्सचेंज के खातों को कई बैंकों ने सस्पेंड कर दिया है। संदिग्ध ट्रांजैक्शंस को लेकर एसबीआई, एक्सिस, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक और यस बैंक ने कई बिटकॉइन से जुड़े अकाउंट्स बंद किए हैं। मामले की जानकारी रखने वाले तीन सूत्रों ने इसकी जानकारी दी। बैंकों ने संदिग्ध ट्रांजैक्शंस करने वाले एक्सचेंजों के प्रमोटर्स से लोन की रीपेमेंट सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त गारंटी की मांग की है साथ ही कुछ खातों से पैसा निकालने की अधिकतम सीमा तय की है।
बैंक भी फटे मे हैं बिटकोइंन की वजह से..ना तो कोई समझदार उनका 6 परसेन्ट ब्याज़ वाला एफ डी ले रहा है..और अब तो बिटकोइं जैसी हज़ारो करेंसी आ गयी जिससे पैसा कुछ मिनिट्स मे इधर से उधर ह…+
एक सूत्र ने बताया, ‘पिछले महीने से बैंक लोन देने के लिए अतिरिक्त गारंटी मांग रहे हैं।’ बैंक अभी देश के टॉप बिटकॉइन एक्सचेंजों के अकाउंट्स की स्क्रूटनी कर रहे हैं। जेबपे, यूनोकॉन, कॉइनसिक्यॉर और Btcx इंडिया जैसे टॉप बिटकॉइन एक्सचेंजों पर बैंकों ने अपना ऐक्शन शुरू कर दिया है। यूनोकॉन के प्रमोटर सात्विक विश्वनाथ ने बताया, ‘बैंकों ने कंपनी या प्रमोटर्स को इसकी जानकारी नहीं दी है।’ अन्य एक्सचेंजों और बैंकों ने भी इस बारे में कोई जवाब नहीं दिया है।
भारत में अभी बिटकॉइन को लेकर कन्फ्यूजन बरकरार है। सरकार साफ कर चुकी है कि बिटकॉइन लीगल नहीं और यह पोंजी स्कीम की तरह हो सकता है। देश में यह क्रिप्टोकरंसी रेग्युलेटेड नहीं है। इन कंपनियों की स्क्रूटनी करने वाले टैक्स अधिकारियों ने बताया कि देश के टॉप 10 बिटकॉइन एक्सचेंज का कुल रेवन्यू 40 हजार करोड़ रुपये के आसपास हो सकता है। बैंकों ने इन कंपनियों से कहा है कि वे अपने बिजनस के बारे में जानकारी दें और यह बताएं कि उन्होंने अकाउंट खुलवाते समय इसकी जानकारी क्यों नहीं दी थी।

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