सृजन घोटाला में CBI की पहली बड़ी कार्रवाई, नाजिर अमरेंद्र यादव गिरफ्तार

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सृजन घोटाला मामले में सीबीआइ ने पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला नजारत शाखा के नाजिर अमरेंद्र यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
भागलपुर। सृजन घोटाले की जांच कर रही सीबीआइ टीम ने पहली बार इस मामले में बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआइ ने जिला नजारत शाखा के नाजिर अमरेंद्र यादव को गिरफ्तार किया है। टीम ने गिरफ्तार नाजिर से दो दिनों की पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उसे सीबीआइ तीन दिनों रिमांड पर लेगी।
इससे पहले टीम ने अनुसंधान आगे बढ़ाते हुए जिला परिषद से 11 बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। जिला परिषद की ओर से 90 करोड़ की अवैध निकासी की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। सीबीआइ ने एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा है।
सीबीआइ ने बैंकर्स चेक पर फोकस करते हुए पूछा है कि ये बैंकर्स चेक किस तरह बैंक में जमा होते थे। बैंकर्स चेक एसबीआइ जारी करता है। आवंटन के विरुद्ध कोषागार एसबीआइ को बैंकर्स चेक के संबंध में एडवाइस करता है।
फिर बैंकर्स चेक को सुविधानुसार बैंक में जमा किया जाता है। ऐसे ही चेक जब बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक में जमा किए गए तो इसकी राशि सृजन महिला विकास सहयोग समिति में ट्रांसफर हो गई। यह सिलसिला कई वर्षों से चल रहा था।
सृजन घोटाला: कागजात खंगालने में लगी सीबीआइ, जांच के दायरे में तीन पूर्व डीएम
पिछले दस वर्षों में जिला परिषद में योजना, मानदेय व अन्य कार्य के लिए आई राशि साजिश के तहत सृजन संस्था में ट्रांसफर होती गई। इस घोटाले की जड़ तक पहुंचने के लिए सीबीआइ ने जेल में बंद नाजिर राकेश यादव से भी पूछताछ कर चुकी है। कोषागार जाने वाले मैसेंजर से भी पूछताछ हो चुकी है।
अवैध निकासी की प्राथमिकी दर्ज कराने वाले जिला पंचायत राज पदाधिकारी को भी सीबीआइ पूछताछ के लिए बुला चुकी है। सीबीआइ कैशबुक सहित अन्य कागजात की मूल प्रति ले चुकी है। जितने चेक काटे गए थे उनकी भी जांच की जा रही है। विदित हो कि जिला परिषद की कैशबुक अद्यतन नहीं है।
एक सप्ताह पहले सीबीआइ ने डीएम को पत्र लिखकर पूर्व डीएम केपी रमैया के पत्र व उससे संबंधित संचिका की मांग की थी। लेकिन पत्र व संचिका नहीं मिली है। इसके बाद सीबीआइ अब जिला परिषद को घेरने की तैयारी कर रही है।

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