क्रूड 3 साल के टॉप पर, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से बजट में मिलेगी राहत?

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 3 साल के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं. इसकी वजह से देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी लगातार बढ़ती जा रही हैं. गुरुवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतें दिसंबर 2014 के बाद पहली बार 71 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं. अब आम आदमी की नजर बजट पर है. उम्मीद जताई जा रही है कि इस बजट में एक्साइज ड्यूटी में कटौती की जा सकती है.

कच्चे तेल की कीमतों में लगातार आ रही इस बढ़ोतरी से देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी बढ़ने लगी हैं. गुरुवार को मुंबई में जहां एक लीटर पेट्रोल के लिए लोगों को 80.36 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं. वहीं, डीजल के लिए यहां 67.65 रुपये प्रति लीटर देना पड़ रहा है. दिल्ली का भी यही हाल है. यहां एक लीटर पेट्रोल के लिए 72.49 रुपये और डीजल के लिए 63. 53 प्रति लीटर चुकाने पड़ रहे हैं.

पिछले 6 से 7 महीनों के भीतर क्रूड की कीमतों में 59 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है. डबल्यूटीआई क्रूड भी 66.22 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच चुका है. इससे पहले दिसंबर 2014 में कच्चे तेल इस स्तर पर पहुंचा था.

केंद्र सरकार ने अक्टूबर में पेट्रोल की कीमतें 80 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंचने पर एक्साइज ड्यूटी में राहत दी थी. हालांकि यह राहत भी अब नाकाफी साबित हो रही है. मुंबई में एकबार फिर 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 80 रुपये का आंकड़ा पार कर चुकी है. ऐसे में एक बार फिर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने की बात कही जा रही है.

तेल मंत्रालय ने बजट में एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का सुझाव दिया है. इसके साथ ही पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाने पर भी विचार चल रहा है. अगर सरकार की तरफ से ये घोषणाएं की जाती हैं, तो शायद आम आदकी को पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से राहत मिले.

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