स्टेट ऑफ द यूनियन के पहले संबोधन में बोले ट्रंप- मेरिट बेस्ड इमिग्रेशन सिस्टम करेंगे लागू

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स्टेट ऑफ द यूनियन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना पहला संबोधन दिया। उन्होंने अपनी सरकार के एक साल पूरा होने पर राष्ट्र को संबोधित किया। ट्रंप ने कहा कि हम ISIS के खिलाफ अपनी जंग तब तक जारी रखेंगे जब तक उसे हरा नहीं देते। उन्होंने उत्तर कोरिया पर निशाना साधते हुए कहा कि कोई भी शासन ऐसा नहीं है जो अपने नागरिकों का इतनी बर्बरता से शोषण करता हो।

ट्रंप ने कहा कि हम अपने नागरिकों को कल्याण से काम, निर्भरता से स्वतंत्रता और गरीबी से समृद्धि तक उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह हमारे बुनियादी ढांचे को दोबारा से खड़ा करने का समय है और अमेरिका बिल्डर्स का देश है।

ट्रंप ने अमेरिका को इस सदी में रहने के लिए सबसे बेहतर समय बताया। उन्होंने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप क्या हो और कहां से आये हो, अगर आप मेहनत करते हो तो आप कोई भी सपना देख सकते हो, कुछ भी बन सकते हो। उन्होंने कहा कि साथ मिलकर हम सब कुछ पा सकते हैं।

ट्रंप ने यह भी कहा कि टर्मिनल बीमारियों वाले मरीजों को प्रायोगिक स्वास्थ्य सेवा का उपयोग करना चाहिए, जिनके पास ‘राइट टू ट्राइ’ के तहत अपने जीवन को बचाने की क्षमता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में प्रेस्टन शार्प का जिक्र किया जिन्होंने अमेरिकी युद्ध के नायकों की कब्र पर 40,000 झंडे लगाए थे।

ट्रंप ने कहा कि हम जानते हैं कि विश्वास और परिवार अमेरिकी जीवन का केंद्र हैं, सरकार और नौकरशाही नहीं। हमारा आदर्श वाक्य है कि “हम भगवान पर भरोसा करते हैं” ट्रंप ने टैक्स पर भी बात की। उन्होंने कहा कि कि हमने टैक्स में कटौती की है, लगभग 3 मिलियन श्रमिकों ने पहले से ही टैक्स कटौती बोनस हासिल कर लिया है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के संघर्ष के दिनों में उसके साथ है। उन्होंने आतंकवाद पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आतंकी केवल अपराधी नहीं हैं। वे गैरकानूनी दुश्मन लड़ाके हैं। उन्होंने चीन और रूस जैसे देशों पर अमेरिकी मूल्यों को चुनौती देने की बात भी कही।

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