टाटा मोटर्स फिर लौटी मुनाफे की राह पर

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देश की सबसे बड़ी ट्रक निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने वित्त वर्ष 2018 की तीसरी तिमाही में 1.83 अरब रुपये का एकल लाभ अर्जित किया है। इससे पहले कंपनी को लगातार 5 तिमाहियों में एकल स्तर पर घाटा हुआ था। बिक्री में बढ़ोतरी के कारण राजस्व में तेज वृद्घि और लागत घटाने के लिए किए गए उपायों के दम पर कंपनी ने लाभ अर्जित किया है। टाटा मोटर्स को पिछले वित्त वर्ष में अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 10.46 अरब रुपये का नुकसान हुआ था। इस बार कंपनी का घरेलू कारोबार से एकल राजस्व 59 फीसदी बढ़कर 161 अरब रुपये रहा।

तिमाही के दौरान एकल कारोबार से एबिटा मार्जिन 750 आधार अंकों के सुधार के साथ 9 फीसदी पहुंच गया। कंपनी का प्रदर्शन विश्लेषकों की उम्मीदों के अनुरूप है। कंपनी के एकल राजस्व में व्यावसायिक वाहनों की हिस्सेदारी तीन-चौथाई रही जबकि बाकी राजस्व यात्री वाहनों से आया। टाटा मोटर्स के प्रदर्शन में सुधार की संभावना से बीएसई में कंपनी का शेयर करीब 3 फीसदी चढ़कर 396 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी के परिणाम की घोषणा कारोबार बंद होने के बाद की गई।

टाटा मोटर्स के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन ने कहा कि कंपनी के प्रदर्शन में सुधार के लिए लागू की गई रणनीति के परिणाम आ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘हमने कामकाज में सुधार और बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने पर ध्यान दिया और यह रणनीति अच्छी तरह काम कर रही है। व्यावसायिक और यात्री दोनों श्रेणियों में अच्छे परिणाम आए हैं।’

चंद्रशेखरन ने कहा कि कंपनी लागत घटाने के प्रयास जारी रखेगी और शेयरधारकों का रिटर्न सुधारने के लिए अपने उत्पादों पर मजबूती के साथ निवेश करेगी। कंपनी ने पिछली तिमाही के दौरान उत्पादों, प्लेटफॉर्मों और प्रौद्योगिकी पर 10.21 अरब रुपये का निवेश किया।

अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कंपनी के मुनाफे में एकल बिक्री की अहम भूमिका रही। इस दौरान कंपनी की बिक्री 31 फीसदी बढ़कर 172,952 यूनिट रही और उसने यात्री तथा व्यावसायिक दोनों श्रेणियों में मजबूत वृद्घि दर्ज की। नेक्सन, टिगोर और हेक्सा जैसी नई कारों से यात्री वाहनों की बिक्री में इजाफा हुआ।

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