अमेरिकी बाजार में बढ़त का असर दिखा, शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमा

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अमेरिकी बाजार में बढ़त का असर दिखा, शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमा
अमेरिकी शेयर बाजार का मुख्य सूचकांक डाओजोंस आज 567 अंक चढ़कर बंद हुआ है. इसके चलते उम्मीद की जा रही थी कि आज भारतीय बाजारों में भी सुधार आएगा.
अमेरिकी बाजार में उछाल का असर भारतीय शेयर मार्केट पर भी देखने को मिला है. लगातार तीन दिन की गिरावट के बाद आज शेययर बाजार में उछाल देखा गया. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में करीब 350 अंक और निफ्टी में करीब 90 अंक की बढ़त देखने को मिली.

सिर्फ तीन दिनों में कैसे डूबे निवेशकों के पैसे?
मान लीजिए 31 जनवरी को आपने अपने पोर्टफोलियो में 309 रूपए के हिसाब से एसबीआई के 60 शेयर लिए जिनकी कीमत 18540 रूपए हुई. 400 प्रति शेयर के हिसाब से टाटा मोटर्स के 50 शेयर लिए जो 20 हजार रूपए के हुए. 950 रूपए के हिसाब से रिलायंस के 20 शेयर लिए, जो हुए 19 हजार रूपए के हुए.

1159 रूपए के हिसाब से इंफोसिस के 10 शेयर लिए जो हुए 11 हजार 590 रूपए के हुए. 3112 रूपए प्रति शेयर के हिसाब से टीसीएस के 10 शेयर लिए जो हुए 31120 रूपए के हुए. यानी 31 जनवरी को आपके पोर्टफोलियो में मौजूद कुल शेयरों की कीमत हुई 1 लाख 250 रूपए हुई. लेकिन एसबीआई 292, टाटा मोटर्स 374, रिलायंस 892, इंफोसिस 1108 और टीसीएस 2995 रूपए पर बंद हुआ है, आज आपके शेयरों की कुल कीमत आज 95 हजार 90 रूपए हो गयी है

बजट के अगर पहले आपके शेयर की कीमत थी एक लाख दो सौ पचास रूपए थी को बजट के बाद अब कीमत 95 हजार 90 रूपए हो गयी है. इस हिसाब से तीन दिनों में आपको 5 हजार 160 रूपए का नुकसान हो चुका है.

क्यों गिरा शेयर बाजार?
बजट वाले दिन यानी एक फरवरी को सेंसेक्स 59 अंक गिरा. बजट के अगले दिन दो फरवरी को 840 अंक गिरा. इसके बाद पांच फरवरी को 310 अंक गिरा और कल यानी 6 फरवरी को 561 अंक गिरा.

लगातार सेंसेक्स के नीचे आने के पीछे इसकी दो वजहें हैं. पहली वजह अमेरिकी है और दूसरी वजह भारतीय है. अमेरिकी वजह की बात करें तो अमेरिकी बाजार ब्याज दर बढ़ने की वजह से क्रैश हो गए हैं. कहा जा रहा है कि ब्याज दर तीन फीसदी होने वाली है. अमेरिकी निवेशक कम ब्याज पर पैसा उधार लेकर विदेश के शेयर मार्केट में पैसा लगाते थे. अब ब्याज दर बढ़ रहा है इसीलिए वो पैसा निकाल रहे हैं.

भारतीय वजह की बात करें तो विदेशी निवेशक पैसा निकाल रहे हैं. बजट में शेयर से होने वाली कमाई पर 10 फीसदी लॉन्ग टर्म कैपिटनल गेन टैक्स लगना. वित्त सचिव हसमुख अढिया भी विदेशी बाजारों में गिरावट ही मुख्य वजह बता रहे हैं.

अमेरिकी बाजार में सुधार
कल भारतीय शेयर बाजार में गिरावट की वजह अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट को बताया गया था, लेकिन आज अमेरिकी बाजार सुधर गए हैं. अमेरिकी शेयर बाजार का मुख्य सूचकांक डाओजोंस कल 1175 अंक गिरा था. डाओजोंस आज 567 अंक चढ़कर बंद हुआ.

शेयर बाजार में गिरावट से सोना महंगा
शेयर बाजारों की गिरावट से सोना महंगा हो गया है. सोने के दाम 14 महीने में सबसे ज्यादा स्तर पर हैं. सोने भाव कल 330 रुपये चढ़कर 31 हजार 600 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गए. सोने के भाव आखिरी बार 9 नवंबर 2016 को देखे गए थे. सोने के दाम में उछाल देश में शादियों के सीजन की वजह से भी आया है.

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