उन्मुक्त ने टूटे जबड़े के साथ की बैटिंग, बोले- दर्द के आगे जीत है

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साल 2012 में अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता टीम के कप्तान रहे उन्मुक्त चंद एक खास वजह से सुर्खियों में हैं। उन्मुक्त ने इस सीजन में विजय हजारे ट्रोफी के पहले मैच में टूटे जबड़े के साथ बैटिंग की और शानदार सेंचुरी बनाकर दिल्ली की जीत की बुनियाद तैयार की। उन्मुक्त के इस फैसले पर उनकी तारीफ भी हो रही है और साथ ही उनके शुभचिंतक उनकी चोट की गंभीरता को लेकर चिंतित भी हैं।

उन्मुक्त ने नवभारत टाइम्स को बताया कि उनके जबड़े में फ्रैक्चर है मगर वह बुधवार को त्रिपुरा के खिलाफ मैच के लिए भी तैयार हैं। तो क्या उन्हें तकलीफ नहीं होगी? इस सवाल पर इस ओपनर ने कहा, ‘जब आप अच्छी लय में हों और आपके बल्ले से निकले रन टीम की जीत में काम आ रहे हों तो फिर दर्द अपने आप कम हो जाता है।’

उन्होंने बताया कि यूपी के खिलाफ मैच के ऐन पहले उनको चोट लगी थी। चोट तकलीफदायक थी लेकिन उन्होंने एक सेकंड के लिए भी नहीं सोचा कि मैच से बाहर हो जाएंगे। बकौल उन्मुक्त, ‘मैंने दवाइयां लीं और मैच के लिए फटाफट तैयार हो गया। मैच खेलना था तो खेलना था।’ उन्मुक्त ने कहा कि फिलहाल वह अगले मैच के अलावा कुछ नहीं सोच रहे और उनका एक ही टारगेट है-रन, रन और रन।

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