वॉन्डरर्स में जीत का चौका लगाने को बेताब टीम इंडिया, इतिहास रचने का मौका

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टेस्ट सीरीज का सुखद अंत इसी वॉन्डरर्स स्टेडियम पर हुआ था। एक बदतर पिच पर चोट खाते, लड़ते, उठते और हमला करते टीम इंडिया ने मेजबानों के क्लीन स्वीप के मंसूबों पर पानी फेर दिया था। एक बार फिर वही ‘विराट सेना’ उसी मैदान पर है। यहां वनडे रेकॉर्ड उसके लिए सुकून देना वाला नहीं है। मगर, क्या फर्क पड़ता है। जीत के अश्वमेधी रथ पर सवार भारतीय टीम शनिवार को यहां इतिहास बदलने को बेताब होगी। एक तरफ ऐतिहासिक जीत की दहलीज पर खड़ी टीम है तो दूसरी ओर वह टीम है जो कल तक वनडे के शिखर पर विराजमान थी। आज उसके सामने अपनी सरजमीं पर प्रतिष्ठा बचाने का सवाल है।
फिलहाल 3-0 की बढ़त बना चुकी भारतीय टीम को अब साउथ अफ्रीकी सरजमीं पर पहली वनडे सीरीज जीतने के लिए सिर्फ एक और जीत की जरूरत है। इससे पहले 2010-11 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में उसने 2-1 से बढ़त बनाई थी लेकिन सीरीज 2-3 से हार गई।

भारत ने न्यूलैंड्स में जीत के साथ ही 1992-93 के बाद साउथ अफ्रीका में द्विपक्षीय वनडे सीरीज में पहली बार तीन मैच जीते। अब चौथा मैच जीतकर भारत आईसीसी वनडे रैकिंग्स में नंबर वन पर अपनी स्थिति पुख्ता करना चाहेगा।

तीसरे वनडे से पहले भारतीय ओपनर शिखर धवन ने कहा था कि टीम हर मैच जीतना चाहती है और ड्रेसिंग रूम में आत्ममुग्धता का माहौल कतई नहीं है। विराट कोहली ने 34वां वनडे शतक लगाकर मोर्चे से अगुआई करते हुए टीम को जीत दिलाई। उन्होंने बाद में कहा कि बाकी मैचों में भी इसी आक्रामकता को बरकरार रखेंगे।

चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव और लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल मिलकर 30 में से 21 विकेट ले चुके हैं और विराट के आत्मविश्वास का यह भी कारण है। साउथ अफ्रीका ने न्यूलैंड्स पर कलाई के पांच अलग-अलग स्पिनरों के साथ अभ्यास किया लेकिन चहल और यादव का सामना नहीं कर सके। पिछले तीन मैचों में मेजबान और मेहमान टीम का सामना कुछ ऐसा था मानो एक टीम (भारत) अटैक कर रही है जबकि दूसरी सिर्फ और सिर्फ डिफेंस करने के चक्कर में है।

यह तो पता नहीं कि मेजबान टीम के लिए दिन कैसा रहेगा लेकिन शनिवार को वॉन्डरर्स गुलाबी रंग से पटा होगा। साउथ अफ्रीका के खिलाड़ी भी गुलाबी ड्रेस में उतरेंगे जबकि दर्शकों में से ज्यादातर गुलाबी पहनकर आएंगे। ऐसा ब्रेस्ट कैंसर के खिलाफ लोगों को जागरुक करने वाले अभियान को सपोर्ट में किया जाएगा।

साउथ अफ्रीका के लिए राहत की बात एबी डिविलियर्स की वापसी है जो बाकी तीन मैच खेलेंगे। चोट के कारण वह पहले तीन मैच नहीं खेल सके थे। यदि वह खेलते हैं तो तीसरे नंबर पर उतरेंगे और जेपी डुमिनी चौथे नंबर पर खिसक जाएंगे। पिंक डे का पहली बार आयोजन 2011 में हुआ और यह छठी बार खेला जा रहा है। साउथ अफ्रीका ने पिंक जर्सी में खेलते हुए एक भी मैच नहीं गंवाया है। डिविलियर्स ने 2015 में वेस्ट इंडीज के खिलाफ 44 गेंद में 149 रन बनाए थे। इससे पहले 2013 में भारत के खिलाफ 47 गेंदों में 77 रन बनाए थे।

साउथ अफ्रीका: हाशिम अमला, एडेन मार्करम (कप्तान), जेपी डुमिनी, एबी डिविलियर्स, फरहान बेहरदीन, डेविड मिलर, क्रिस मोरिस, एंडिले फेहलुकवायो, कागिसो रबाडा, मोर्ने मोर्कल, इमरान ताहिर
भारत: रोहित शर्मा, शिखर धवन, विराट कोहली (कप्तान), अजिंक्य रहाणे, एमएस धोनी, केदार जाधव, हार्दिक पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमरा, युजवेंद्र चहल

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