शोपियां केस: सुप्रीम कोर्ट ने मेजर आदित्य की FIR पर लगाई रोक, केंद्र और जम्मू-कश्मीर सरकार को नोटिस

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जम्मू-कश्मीर के शोपियां में हाल में हुई गोलीबारी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 10 गढ़वाल राइफल्स के मेजर आदित्य कुमार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक के लिए रोक लगा दी है। कोर्ट ने केंद्र और जम्मू-कश्मीर सरकारों को नोटिस जारी कर 2 सप्ताह में जवाब मांगा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मामले में मोदी और महबूबा सरकार क्या जवाब देती हैं, क्योंकि सेना पर FIR को लेकर BJP और PDP के रुख अलग-अलग हैं। बता दें कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शोपियां फायरिंग मामले में मेजर आदित्य के खिलाफ केस दर्ज किया था। मेजर आदित्य के पिता लेफ्टिनेंट कर्नल करमवीर सिंह (रिटायर्ड) ने सेना के खिलाफ FIR को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उसी याचिका पर कोर्ट ने यह आदेश दिया है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुआई वाली बेंच के सामने याचिकाकर्ता की ऐडवोकेट ऐश्वर्या भाटी की ओर से दलील दी गई है कि शोपियां में गोलीबारी की घटना के संबंध में मेजर आदित्य कुमार के खिलाफ दर्ज केस गैरकानूनी है। केस को खारिज किए जाने की मांग करते हुए आदित्य के पिता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सुप्रीम कोर्ट में मेजर आदित्य के पिता की ओर से अर्जी दाखिल कर कहा गया कि गढ़वाल राइफल्स में मेजर उनके बेटे को एफआईआर में गलत तरीके से नामजद किया गया है। सेना के काफिले पर भीड़ ने हमला किया था और कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया था। उनके बेटे का इरादा था कि सेना की संपत्ति को बचाया जाए। उन्होंने भीड़ से कहा था कि सेना की संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं और सेना के काम में बाधा न डालने का अनुरोध किया था। लेकिन जब स्थिति कंट्रोल से बाहर गई तब सेना ने चेतावनी जारी की थी। एक जूनियर अधिकारी को भीड़ ने पकड़ लिया था और पीटकर मारने को उतारू थी तभी चेतावनी में गोलियां चलाई गईं। बता दें कि 27 जनवरी को शोपियां के गनोवपोरा गांव में पथराव कर रही भीड़ पर सैन्यकर्मियों के गोली चलाने से 2 आम नागरिकों की मौत हो गई, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने घटना की जांच के आदेश दिए। मेजर आदित्य कुमार सहित गढ़वाल रायफल्स के 10 कर्मियों के खिलाफ रणबीर दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 307 (हत्या की कोशिश) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सेना की यूनिट के खिलाफ FIR पर जम्मू-कश्मीर में सत्ताधारी गठबंधन के दोनों घटकों- BJP और PDP में भी दरार देखने को मिली। बीजेपी नेता और सूबे के डेप्युटी सीएम निर्मल सिंह ने कहा कि मेजर आदित्य का उत्पीड़न नहीं होने देंगे। सेना ने भी अपनी यूनिट के खिलाफ FIR को गलत बताया है। सेना का कहना है कि शोपियां में जवानों ने आत्मरक्षा में फायरिंग की थी। पूर्व सेना प्रमुख जनरल (रिटायर्ड) वी. पी. मलिक ने भी मेजर आदित्य के खिलाफ दर्ज की गई FIR को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि एक सैनिक को खुद की रक्षा करने का अधिकार है और जम्मू-कश्मीर पुलिस का मेजर आदित्य कुमार के खिलाफ मामला दर्ज करने का फैसला ‘बेवजह और गलत’ है। इसके अलावा घटना की जांच के बिना प्राथमिकी दर्ज की गई।

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