शेयर बाजार में रिकवरी हुई, लेकिन सेंटीमेंट मजबूत नहीं, जारी रहेगा उतार-चढ़ाव

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पिछले साल अगस्त के बाद पिछले हफ्ते शेयर बाजार का प्रदर्शन सबसे खराब रहा, लेकिन उसके बाद से इसमें रिकवरी हो रही है। निफ्टी सोमवार को 10,500 के ऊपर बंद हुआ। एनएसई का बेंचमार्क इंडेक्स 84.80 अंक यानी 0.81 पर्सेंट चढ़कर 10,539.75 पर रहा, जबकि सेंसेक्स 294.71 अंक यानी 0.87 पर्सेंट की मजबूती के साथ 34,300.47 पर पहुंच गया। बीएसई मिडकैप इंडेक्स 1.3 पर्सेंट की मजबूती के साथ 16,852.46 और स्मॉल कैप इंडेक्स 1.6 पर्सेंट चढ़कर 18,463.38 पर बंद हुआ। भारतीय बाजार मंगलवार को महाशिवरात्रि के मौके पर बंद रहेंगे।

सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में सबसे अधिक तेजी टाटा स्टील में आई। कंपनी के शेयर 4.2 पर्सेंट चढ़कर 712.50 रुपये पर पहुंच गए। यस बैंक, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, इंडसइंड बैंक और हीरो मोटोकॉर्प में 2.1-2.89 पर्सेंट की मजबूती आई। एसबीआई का परफॉर्मेंस सबसे खराब रहा और वह 2.67 पर्सेंट की गिरावट के साथ 288.50 रुपये पर बंद हुए। दिसंबर 2017 तिमाही में बैंक को लॉस हुआ, जिससे उसके शेयरों में बिकवाली बढ़ी। जापान के निक्केई और हॉन्ग कॉन्ग के हैंगसेंग इंडेक्स को छोड़कर एशियाई देशों के सभी बाजार हरे निशान में रहे और उनमें 0.2-0.9 पर्सेंट की मजबूती आई। यूरोप के शेयर बाजारों में भी तेजी बनी हुई थी।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के बाद ग्लोबल मार्केट्स में बिकवाली की वजह से इस महीने के 8 ट्रेडिंग सेशंस में सिर्फ दो बार भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए हैं। कुछ दिनों की रिकवरी के बाद भी निफ्टी और सेंसेक्स अपने रेकॉर्ड लेवल से क्रमश: 5.7 और 5.8 पर्सेंट नीचे हैं। निफ्टी ने 29 जनवरी को 11,171.55 और सेंसेक्स ने 36,443.98 का रेकॉर्ड बनाया था। एफपीआई ने सोमवार को 814.11 करोड़ रुपये बाजार से निकाले, जबकि डीआईआई ने 1,342.7 करोड़ रुपये का निवेश किया।

निर्मल बांग सिक्यॉरिटीज में इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के सीईओ राहुल अरोड़ा ने बताया, ‘मार्केट का सेंटीमेंट पहले जैसा अच्छा नहीं है। अभी भी निवेशकों के मन में आशंकाएं बनी हुई हैं। अगर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 3 पर्सेंट तक चली जाती है तो मार्केट का मूड फिर से बिगड़ सकता है। निफ्टी के लिए कुछ समय तक 11,200 का लेवल पीक रहेगा।’ अरोड़ा ने बताया कि दिसंबर 2017 तिमाही में कंपनियों की प्रॉफिट ग्रोथ ना ही बहुत खराब रही है और ना ही बहुत अच्छी। इनमें बेस इफेक्ट की वजह से मजबूती दिख रही है। मार्केट पार्टिसिपेंट्स का यह भी कहना है कि बाजार में उतार-चढ़ाव कुछ समय तक बना रहेगा।

आईआईएफएल में कॉर्पोरेट अफेयर्स और मार्केट्स के एग्जिक्यूटिव वीपी संजीव भसीन ने बताया, ‘करीब एक साल से बाजार में अधिक उतार-चढ़ाव नहीं हो रहा था। अब यह लौट आया है और आगे भी बना रहेगा। मार्च में निफ्टी 10,000 का लेवल टेस्ट कर सकता है। कच्चे तेल के दाम में गिरावट से कुछ राहत मिली है, लेकिन मार्केट की हालत अभी भी गंभीर दिख रही है।’

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