श्रीनगर: आतंकियों के छिपे होने की आशंका, रुक-रुककर फायरिंग, सुंजवान में छठे जवान का शव मिला

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श्रीनगर
जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के करण नगर स्थित सीआरपीएफ कैंप के पास सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ मंगलवार को भी जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सीआरपीएफ कैंप के नजदीक स्थित इमारत में 4 आतंकी अभी भी छिपे हुए हैं जिन्होंने एक बार फिर कैंप में हमले की कायराना कोशिश की। हालांकि सुरक्षाबलों ने उनकी कोशिश को नाकाम करते हुए इमारत में जोरदार धमाका किया। उधर, सुंजवान आर्मी कैंप से एक और जवान का शव मिला है। इस तरह सुंजवान हमले में अबतक 6 जवान शहीद हो गए हैं।
सीआरपीएफ के आईजी ऑपरेशन जुल्फिकार हसन ने एनकाउंटर जारी रहने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा है कि एनकाउंटर में इस बात का ख्याल रखना पड़ रहा है कि नागरिकों और संपत्ति को नुकसान न पहुंचे। करण नगर में फिलहाल दोनों ओर से रह-रहकर फायरिंग हो रही है। सीआरपीएफ जवानों ने बिल्डिंग को घेर लिया है।
बता दें कि सुंजवान में सेना के कैंप में आतंकी हमले के बाद सोमवार को आतंकियों ने श्रीनगर के करण नगर स्थित सीआरपीएफ कैंप में हमले की कोशिश की थी। आतंकियों के साथ मुठभेड़ में यहां भी सीआरपीएफ के एक जवान भी शहीद हो गए थे। हमारे सहयोगी चैनल टाइम्स नाउ के पास मौजूद एनकाउंटर के एक्सक्लूसिव विडियो में गोलियों की आवाज सुनी जा सकती है। इसके अलावा इमारत में हुआ धमका भी देखा जा सकता है।
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सोमवार को सीआरपीएफ के आईजी रविदीप सहाय ने बताया था, ‘सुबह 2 आतंकियों ने सीआरपीएफ हेडक्वॉर्टर में घुसने की कोशिश की। आतंकी हेडक्वॉर्टर में तो घुसने में सफल नहीं रहे, लेकिन पास की एक बिल्डिंग में घुस गए। 5 परिवारों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। ऑपरेशन अभी चल रहा है।’ इस दौरान मुठभेड़ में सीआरपीएफ की 49वीं बटालियन का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
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बताया जा रहा है कि श्रीनगर में भी आतंकी सुंजवान जैसे हमले की फिराक में थे। इस हमले से सेना को और नुकसान हो सकता था, यदि संतरी रघुनाथ अपनी जान की परवाह ना करके आतंकियों से भिड़ न होते। सोमवार सुबह 4.30 बजे के करीब आतंकियों ने जैसे ही सीआरपीएफ कैंप पर हमला किया, सीआरपीएफ के संतरी रघुनाथ ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इससे आतंकियों को अपने पांव पीछे खींचने को मजबूर होना पड़ा। यहां तक कि इन आतंकियों को खुद अपनी जान बचाने के लिए पास के निर्माणाधीन इमारत में छुपना पड़ा।
सोमवार को रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने भी जम्मू कश्मीर पहुंचकर घायलों से मुलाकात की। साथ ही प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कहा कि पड़ोसी देश पाकिस्तान को इन हमलों की कीमत चुकानी होगी।

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