चीन को ग्वादर में रोकेगा भारत, ओमान के बंदरगाह तक होगी इंडियन नेवी की पहुंच

0
115

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ओमान दौरे पर भारत की कूटनीति ने बड़ा असर डाला है. भारत और ओमान के बीच एक अहम रणनीतिक समझौते पर सहमति बनी जिसके अंतर्गत भारतीय नेवी को ओमान के दुक्म पोर्ट तक पहुंच हासिल होगी. हिंद महासागर के पश्चिमी हिस्से में भारत के रणनीतिक मौजूदगी के लिए यह समझौता बेहद अहम है और इसका सामरिक महत्व भी है. बड़ी बात ये है कि इसी साल मार्च में पर्शियन खाड़ी में भारत व संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जॉइंट सैन्य अभ्यास करेंगे. इससे साफ है कि भारत की मौजूदगी खाड़ी में धीरे धीरे ही सही लेकिन प्रभावी तरीके से होगी.
ओमान में बोले पीएम मोदी- 90 पैसे में चाय नहीं आती, हमारी सरकार हेल्थ बीमा दे रही है
इस यात्रा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओमान के सुल्तान कबूस (बिन सईद अल सईद) के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की. दोनों राष्ट्रों के प्रमुखों के बीच रणनीतिक साझेदारों के बीच व्यापार और निवेश, ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा व क्षेत्रीय मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने के बारे में बातचीत हुई. सुल्तान कबूस ने ओमान के विकास में भारतीयों की ‘कड़ी मेहनत और ईमानदार’ योगदान की सराहना की.
वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने आठ समझौतों पर हस्ताक्षर किये. इसमें दीवानी और वाणिज्यिक मामलों में कानूनी तथा न्यायिक सहयोग पर एक एमओयू (सहमति पत्र) भी शामिल है. दोनों देशों ने विदेश सेवा संस्थान, विदेश मामलों के मंत्रालय, भारत और ओमान राजनयिक संस्थान के बीच सहयोग को लेकर एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किये. ओमान के राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय और भारत के रक्षा अध्ययन तथा विश्लेषण संस्थान के बीच शैक्षिक और बौद्धिक सहयोग का एक करार हुआ, दोनों देशों ने सैन्य सहयोग के समझौते पर भी हस्ताक्षर किये.
ओमान के रक्षा मंत्रालय में ‘सेक्रेटरी जनरल’ मोहम्मद बिन नासेर अल रासबी ने कहा कि भारतीय पक्ष के साथ सहयोग के कई क्षेत्र हैं. चाहे संयुक्त अभ्यास हो या या फिर प्रशिक्षण या पाठ्यक्रम अथाव दोनों पक्षों के बीच अनुभव का आदान-प्रदान तथा कुछ रक्षा खरीद एवं परियोजनाएं, इसमें सहयोग की काफी संभावनाएं हैं. भारतीय राजदूत इंदरामन पांडे ने कहा कि सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर से दोनों देशों के बीच सहयोग मजबूत होंगे. उन्होंने कहा कि ओमान में काफी संख्या में भारतीय कंपनियां काम कर रही हैं और ‘फ्री जोन’ तथा बंदरगाहों में उल्लेखनीय निवेश किया है.
पांडे के हवाले से कहा गया है कि दोनों देशों के बीच इस साल व्यापार 5.5 अरब डालर का हो जाने का अनुमान है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here