बिहार में एक और IAS अफसर की संपत्ति होगी जब्त, आठ करोड़ के घोटाले के हैं आरोपी

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बिहार कैडर के वर्ष 1996 बैच के आइएएस अधिकारी के. सेंथिल कुमार की संपत्ति जब्त करने जा रही है। वे पटना नगर निगम में हुए आठ करोड़ के घोटाले के मुख्य आरोपी हैं।
पटना । झारखंड के बहुचर्चित एनआरएचएम (नेशनल रूरल हेल्थ मिशन) घोटाले के आरोपी वरिष्ठ आइएएस डॉ. प्रदीप कुमार की काली कमाई जब्त करने के बाद ईडी अब बिहार कैडर के वर्ष 1996 बैच के आइएएस अधिकारी के. सेंथिल कुमार की संपत्ति जब्त करने जा रही है। के. सेंथिल कुमार पटना नगर निगम में हुए आठ करोड़ के घोटाले के मुख्य आरोपी हैं।
पटना नगर निगम व किशनगंज में स्वास्थ्य विभाग के चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की स्थाई नियुक्ति में भी के. सेंथिल कुमार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। इन आरोपों की जांच निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने की है। पटना के नगर आयुक्त रहते उनपर आठ करोड़ से भी अधिक के घोटाले का आरोप लगा था। फिलहाल के. सेंथिल कुमार बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग में अपर सचिव के पद पर तैनात हैं।
किशनगंज का जिलाधिकारी रहते के. सेंथिल कुमार पर स्वास्थ्य विभाग में 143 चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की स्थाई नियुक्ति मामले में भी भ्रष्टाचार के आरोप हैं। उनके खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच चल रही है। आठ करोड़ के घोटाले में सेंथिल कुमार जून, 2011 से मार्च 2014 तक निलंबित रहे। वे जांच के दौरान कई महीने तक लापता भी रहे। ईडी के सूत्रों ने बताया कि सेंथिल कुमार की संपत्ति की जांच लगभग पूरी हो चुकी है।
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झारखंड के पूर्वमंत्री भानुप्रताप शाही की संपत्ति भी होगी जब्त
झारखंड सरकार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री भानुप्रताप शाही की संपत्ति भी दांव पर लगी है। झारखंड के बहुचर्चित एनआरएचएम घोटाले में आइएएस अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार के साथ राज्य के तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री भानुप्रताप शाही को भी अभियुक्त बनाया गया था।
ईडी के आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि भानुप्रताप शाही की संपत्ति का एक हिस्सा ईडी ने जब्त कर लिया है। लेकिन अभी उनकी संपत्ति जब्ती का काम पूरा नहीं हुआ है। संपत्ति जब्ती की दूसरी किस्त की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच अब अपने अंतिम चरण में है।

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