बिहार में कर्जदारों के पास हैं बैंकों के 3348 करोड़, वसूली के लिए करीब 5 लाख केस दायर

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बिहार में कर्जदारों के पास 3348 करोड़ बकाया है। वसूली के लिए विभिन्न बैंकों ने 5.16 लाख सर्टिफिकेट केस दायर कर रखे हैं। एसबीआइ ने सबसे अधिक 3.36 लाख मुकदमे दायर किए हैं।
पटना । बिहार में ऋण लेकर बैंकों को राशि नहीं लौटाने वालों की बड़ी संख्या है। इन कर्जदारों के पास 3348 करोड़ बकाया है। वसूली के लिए विभिन्न बैंकों ने 5.16 लाख सर्टिफिकेट केस दायर कर रखे हैं। सबसे अधिक 3.36 लाख मुकदमे भारतीय स्टेट बैंक ने दर्ज कराए हैं। कर्जदारों ने इस बैंक से 1574 करोड़ रुपये के ऋण लेकर अबतक नहीं लौटाया है।
राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि हर जिले में बैंकों की राशि की वसूली के लिए अलग से सर्टिफिकेट अधिकारी तैनात किए जाएं। कमेटी ने कहा है कि हर जिले में सर्टिफिकेट अधिकारी पहले से मौजूद तो हैं, परन्तु उनके पास विभिन्न प्रकार के मामलों का बोझ है। ऐसे में वह बैंकों के मामलों का समय पर फालो-अप नहीं कर पा रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि प्रदेश में बैंकों के ऋण की वसूली का औसत मात्र 53.10 प्रतिशत ही है। सबसे कम रिकवरी सहकारिता बैंकों द्वारा दिए गए ऋणों की है। सहकारिता बैंकों की रिकवरी को प्रतिशत मात्र 32.29 फीसद है, जबकि वाणिज्यिक बैंकों में यह रफ्तार 57.56 प्रतिशत की है। कर्जदारों के पास सहकारिता बैंकों के 84.34 करोड़ बकाया हैं। ग्रामीण बैंकों ने भी वसूली के लिए 25 हजार से अधिक सर्टिफिकेट केस फायल कर रखे हैं। इनके 228.14 करोड़ रुपये लोगों ने अबतक नहीं लौटाए हैं।
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डिफाल्टरों की जिलावार सूची पर नजर डाली जाए तो बकाया नहीं चुकाने वालों की सबसे अधिक संख्या गया में हैं। यहां 44,197 लोगों पर मुकदमे दर्ज हैं और इनसे 45.90 करोड़ की रकम वसूल की जानी है। दूसरे एवं तीसरे नंबर पर बांका और भागलपुर हैं। यहां क्रमश: 37,042 और 34,918 मामले दर्ज हैं।

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