सरकार का दावा: 2019 तक भारत की सभी ट्रेनों में होगीं ये हाईटेक सुविधाएं

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देश के सभी रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में मार्च 2019 तक wifi और CCTV कैमरे लगा दिए जाएंगे। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने यात्रियों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए अगले दो वर्षो में यात्री ट्रेनों में मार्डन सर्विलांस सिस्टम लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए 3000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं, गोयल ने रेलवे स्टेशनों पर वाईफाई व छोटे स्टेशनों, हाल्ट स्टेशनों पर हॉटस्पॉट मार्च 2019 तक लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
रेल मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि दिसंबर 2018 तक 10 हजार कोच में सीवीटीवी कैमरे लगाने का लक्ष्य रखा है। मार्च 2019 तक सभी ट्रेनों में सीवीटीवी कैमरे लगा दिए जाएंगे। वर्तमान में 50 ट्रेनों में वाईफाई लगाया जा चुका है। वहीं 395 स्टेशनों पर सीसीटीवी लगाए जा चुके हैं। अधिकारी ने बताया कि ट्रेनों व स्टेशनों पर 14 लाख से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी कैमरे अल्ट्रा हाई डिफिनेशन हैं। इसलिए उक्त कैमरों से रिकॉर्डिंग के अलावा इंसानी चेहरों की पहचान करना संभव होगा।
मार्डन सर्विलान्स सिस्टम आपातकालीन स्थिति में कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देगा। रेलवे बोर्ड ने अगले वित्तीय वर्ष के लिए स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए 700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके लिए रेलवे सामाजिक दायित्व कोष (सीआरएस) का इस्तेमाल करेगा। निर्भया फंड से 1000 करोड़ रुपये रेल मंत्रालय को पहले ही पैसा दिया जा चुका है।
सभी स्टेशनों पर हॉटस्पॉट
रेलवे डिजिटल इंडिया योजना के तहत देश के सभी छोटे स्टेशनों व हॉल्ट स्टेशनों पर हॉट स्पॉट लगाएगी। इससे पूर्वोत्तर राज्यों, पहाड़ी क्षेत्रों व सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों को इंटरनेट सेवा पहुंचाई जा सकेगी। छोटे स्टेशनों व हॉल्ट स्टेशनों पर यात्रियों का आवागमन कम होता है। फिर भी ऐसे स्टेशनों पर हॉट स्पॉट के जरिए इंटरनेट सेवा शुरू की जाएगी। देशभर में छोटे व हॉल्ट स्टेशनों (सी, डी, ई, एफ श्रेणी के स्टेशन) की संख्या लगभग 7500 है।

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