T-20: जीत का आखिरी किक लगाकर इतिहास बनाने उतरेगी टीम इंडिया

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केप टाउन
वनडे सीरीज में ऐतिहासिक जीत के बाद टीम इंडिया के लिए अब मौका है एक आखिरी किक लगाकर सीरीज का शानदार अंत करने का। भारतीय टीम साउथ अफ्रीका में एक ही दौरे पर दो सीरीज जीतने का कीर्तिमान बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेगी। टीम इंडिया ने इस साल जनवरी के पहले हफ्ते में इसी शहर से अपने साउथ अफ्रीका दौरे की शुरुआत की थी। तमाम कोशिशों के बावजूद आगाज अच्छा नहीं रहा। तकरीबन 2 महीने के दौरे के आखिर में भारतीय टीम एक बार फिर उसी शहर में है। मगर, तब और अब में हालात काफी बदल चुके हैं। शुरुआती दो हफ्तों के दबाव को झिड़कते हुए विराट ऐंड कंपनी ने जोहानिसबर्ग से जो गियर बदला तो मेजबान सकते में आ गए।
न्यू लैंड्स में पहला
भारत ने न्यूलैं ड्स के मैदान पर कभी टी20 क्रिकेट नहीं खेला है । यहां यह उसका पहला टी20 मैच है जबकि साउथ अफ्रीका का इस मैदान पर टी20 रेकॉर्ड बहुत उत्साहजनक नहीं है। न्यूलैं ड्स में उसकी सफलता का प्रतिशत 37.5 है। हालांकि, मेजबानों ने इस दौरे पर दो दफा दिखाया कि वह टी20 में ज्यादा सहज हैं। उन्होंने बारिश की वजह से बाधित हुए पिंक वनडे में भी टी20 के अंदाज में 202 रन का लक्ष्य हासिल किया था। उन्हें यह रन 28 ओवर्स में बनाने थे। पिछले टी20 मैच में भी उसके बल्लेबाजों ने 189 का टारगेट एक ओवर और दो गेंद बाकी रहते ही हासिल कर लिया था। भारतीय टीम को सीरीज जीत का डबल हासिल करने के लिए आज पूरा जोर लगाना होगा। इस ऐतिहासिक सफलता के लिए टीम को अपनी रणनीति में भी बदलाव करने से भी नहीं हिचकना होगा।
पांडे सबसे आगे
पिछले मैच में सर्वाधिक 79* रन की पारी खेलने वाले मनीष पांडे ने कहा था कि वह इससे बेहतर करने का माद्दा रखते हैं। पिछली बार टॉप-3 के जल्दी पविलियन लौटने की वजह से मनीष को मौका मिला और उन्होंने हाथ भी दिखाए। इस टी20 सीरीज में वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने दो मैचों में 144 की स्ट्राइक रेट से 108 रन बनाए हैं। इस निर्णायक मैच में मौका मिलने पर वह अपना कहा साबित करके दिखा सकते हैं।
लौट सकते हैं बुमरा
पिछले मैच में जसप्रीत बुमरा बेंच पर बैठे थे। भुवनेश्वर कुमार की अगुआई में भारतीय पेस अटैक की जिम्मेदारी शार्दुल ठाकुर और जयदेव उनादकट पर थी। उनादकट के नाम पिछले दो मैचों में तीन विकेट तो जरूर हैं लेकिन उनकी 9.78 की इकॉनमी पर गौर करते हुए उन्हें इस निर्णायक मैच में बिठाया जा सकता है। उनकी जगह डेथ ओवर्स और यॉर्कर के स्पेशलिस्ट जसप्रीत बुमरा ले सकते हैं।
स्पिन पर माथापच्ची
प्लेइंग इलेवन चुनते समय भारतीय टीम मैनेजमेंट को स्पिनर्स पर काफी माथापच्ची करनी होगी। वनडे सीरीज में युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव की स्पिन जोड़ी के खिलाफ ‘क्या करें क्या ना करें’ वाली स्थिति में रहने वाले मेजबान टीम के बल्लेबाजों ने टी20 में ‘मारो और मारो’ का रुख अख्तियार किया हुआ है। वनडे सीरीज के छह मैचों में चहल ने जहां 5.02 की इकॉनमी के साथ 16 विकेट निकाले थे वहीं टी20 में उनकी बुरी गति हुई है। उनके नाम 12.87 की इकॉनमी से महज एक विकेट दर्ज है। चोटिल कुलदीप के खेलने पर सस्पेंस है जबकि चहल को उतारने पर कई बार विचार किया जा सकता है। हालांकि, न्यूलैंड्स पर सबसे सफल बोलर साउथ अफ्रीका के लेग स्पिनर इमरान ताहिर रहे हैं। उनके नाम चार मैचों में 6.56 की इकॉनमी से 12 विकेट हैं। ऐसे में भारतीय थिंक-टैंक चहल के साथ उतरने पर विचार कर सकता है

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