देश से ज्यादा स्पीड से बिहार में बह रही विकास की बयार, हरेक की पर्सनल आमदनी भी बढ़ी

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पटना : जितनी तेज रफ्तार से देश विकास कर रहा है, उससे भी कहीं ज्यादा तेज रफ्तार से बिहार का विकास हो रहा है. आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, बिहार 10.3% की दर से विकास कर रहा है, जो देश के विकास दर से 3.3% तेज रफ्तार है. इसका सीधा मतलब है कि यहां के लोगों की आमदनी बढ़ी है और उनके रहन-सहन का तरीका पहले से बेहतर हुआ है. 26 फरवरी को विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण (2017-18) में विकास के हर पैमाने को पेश किया गया.

10.3% की दर से बढ़ रहा बिहार
देश में सबसे तेजी से विकास करने वाले राज्यों में अब बिहार का नाम भी आ गया है. राज्य की विकास दर राष्ट्रीय औसत 7.0 फीसदी की तुलना में 10.3 फीसदी है, जो राष्ट्रीय औसत से करीब 3.3 फीसदी अधिक है.

लोगों की आमदनी बढ़ रही है
साल 2015-16 में बिहार की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत की 31.6 फीसदी थी, जबकि वर्ष 2016-17 में यह बढ़कर 32.4 फीसदी हो गई. साल 2011-12 के स्थिर मूल्य पर राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 3.2 लाख करोड़ था, जो वर्ष 2016-17 में बढ़कर 4.38 लाख करोड़ होने की संभावना बताई जा रही है और इसके आधार पर प्रति व्यक्ति आय भी बढ़कर 38546 रुपए हो सकती है.

बिहार देश का लगातार रेवेन्यू सरप्लस वाला राज्य
सोमवार को विधानसभा में पेश हुए आर्थिक सर्वेक्षण (2017-18) में विकास के सभी पैमाने को बताया गया. दो साल में पांच गुणा ज्यादा राजकोषीय घाटा होने के बाद भी बिहार का विकास तेजी से बढ़ा है. बिहार के विकास पर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार देश का लगातार रेवेन्यू सरप्लस वाला राज्य है. वित्तीय वर्ष 2012-13 में राज्य का राजस्व अधिशेष 5101 करोड़ था, जो वर्ष 2016-17 में बढ़कर 10819 करोड़ रुपए हो गया और चालू वित्तीय वर्ष में यह बढ़कर 14556 करोड़ रुपए होने की संभावना है.

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