चीन की बढ़ी मुश्किलें, विएतनाम के राष्ट्रपति ने की भारत के साथ समुद्री संपर्क की वकालत

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चीन के बढ़ते दखल के बीच विएतनाम के राष्ट्रपति ने भारत के साथ रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से संपर्क बढ़ाने की वकालत की है।
नई दिल्ली, । क्षेत्र में चीन के बढ़ते दखल के बीच विएतनाम के राष्ट्रपति त्रान दाई क्वांग ने भारत के साथ रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से संपर्क बढ़ाने की वकालत की है। इसके साथ ही उन्होंने व्यापारिक संबंध मजबूत बनाने का पक्ष लिया है। त्रान दो मार्च को भारत की तीन दिनों की सरकारी यात्रा पर नई दिल्ली पहुंच रहे हैं। उनका मानना है कि भारत और विएतनाम क्रमश: दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्वी एशिया क्षेत्र में रणनीतिक रूप से बेहतर स्थिति में हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
त्रान ने कहा, ‘दोनों देश समुद्री क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने को लेकर भी बेहतर स्थिति में हैं। इस संबंध में हम समुद्र संबंधी रणनीतियां बनाने में आपसी अनुभव और सूचनाओं का आदान-प्रदान बढ़ा सकते हैं।’ विएतनाम के राष्ट्रपति का समुद्री क्षेत्र में संपर्क बढ़ाने का आह्वान इस संबंध में उल्लेखनीय है कि दक्षिण चीन सागर में चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए अमेरिका, जापान और कई अन्य देशों ने भारत-प्रशांत क्षेत्र में भारत की प्रमुख भूमिका पर जोर दिया है।
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विएतनामी नेता ने दोनों देशों के बीच व्यापार और हवाई संपर्क बढ़ाने का आह्वान किया। विएतनामी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों के बीच शीर्ष स्तर पर और निचले स्तर पर दोतरफा यात्राओं के चलते उच्चस्तरीय राजनीतिक विश्वास कायम हुआ है। दोनों देशों ने जो भी समझौते किए हैं उन पर उन्होंने प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन किया है। खासतौर से दोनों देशों के बीच 2015-2020 के बीच रक्षा सहयोग पर संयुक्त दृष्टि वक्तव्य को लेकर प्रभावी क्रियान्वयन किया गया है।
त्रान ने कहा है, ‘दोनों देशों के बीच 2020 तक 15 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य हासिल करने के लिए दोनों पक्षों को उन क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की जरूरत है जहां विएतनाम की मांग को पूरा करने के लिए भारत बेहतर स्थिति में है। विमानन और समुद्री क्षेत्र में संपर्क बेहतर बनाने की जरूरत है। द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने और अनुकूल परिस्थितियां बनाने के लिए व्यापार प्रतिबंधों को समाप्त करना होगा और इस दिशा में आगे काम करना चाहिए।’
विएतनाम के राष्ट्रपति द्वारा भारत के साथ विमानन और समुद्री क्षेत्र में संपर्क ब़़ढाने पर जोर देना चीन को ज्यादा रास नहीं आएगा। क्षेत्र में विएतनाम और कई अन्य देशों के साथ पहले ही चीन खींचतान की स्थिति में है। दक्षिण चीन सागर को लेकर जिन देशों के साथ चीन का विवाद चल रहा है उनमें ब्रुनेई और फिलीपींस भी शामिल हैं।

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