वर्ल्ड कप में 2 गोल्ड मेडल: मनु के परिवार को है पैसों की चिंता

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मैक्सिको के शूटिंग वर्ल्ड कप में हरियाणा की बेटी मनु ने दो गोल्ड मेडल हासिल किया है. जब मनु ने 2 साल पहले बॉक्सिंग छोड़कर शूटिंग में करिअर बनाने का फैसला किया था तो पिता से पिस्तौल की मांग की थी. मर्चेंट नेवी में चीफ इंजीनियर पिता राम किशन भाकेर को तब सोचना पड़ा था कि क्या डेढ़ लाख रुपया लगाकर पिस्तौल खरीदना फायदेमंद रहेगा. अब मनु ने गोल्ड मेडल जीत लिया है, लेकिन उसके आगे खेलने को लेकर परिवार की चिंता बनी हुई है. आइए जानते हैं पूरा मामला…
इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, बेटी के वर्ल्ड कप में मेडल जीतने के बाद परिवार उम्मीद कर रहा है कि मनु के पास स्पॉन्सर आएंगे, ताकि आगे खेलने में वह वित्तीय रूप से सक्षम हो सके.
मैक्सिको के ग्वाडलजारा में आयोजित शूटिंग वर्ल्ड कप में 16 साल की युवा मनु भाकेर ने लाजवाब प्रदर्शन किया है. उन्होंने ओमप्रकाश मिथरवाल के साथ मिलकर 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्सड टीम इवेंट में गोल्ड पर निशाना साधा. इससे पहले मनु ने 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में गोल्ड हासिल किया था.
मनु के 2 गोल्ड हासिल करने के बाद भारत 3 गोल्ड और 4 कांस्य पदक के साथ मेडल टैली में नंबर 1 पर है. इस समारोह का समापन 12 मार्च को होगा.
हरियाणा के झज्जर की मनु भाकेर का यह गोल्ड इसलिए भी खास है, क्योंकि उनकी उम्र महज 16 साल है.
मनु ने मैक्सिको के अलेजांद्रा जावाला को पछाड़ा, जो दो बार के वर्ल्ड कप फाइनल्स के विजेता हैं. उन्होंने 24 शॉट के फाइनल के अंतिम शॉट में 10.8 अंक का स्कोर बनाया, जिससे उनका कुल स्कोर 237.5 रहा.
मनु दिसंबर में जापान में हुई एशियन चैंपियनशिप में दस मीटर एयर पिस्टल में सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर चुकी हैं.
उन्होंने पिछले साल दो राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी अपने नाम किए. मजे की बात यह है कि मनु की शुरुआती रुचि बॉक्सिंग में थी.
मुक्केबाजी के दौरान आंख में चोट लगने के बाद उन्होंने शूटिंग में अपने हाथ आजमाए.
एक इंटरव्यू में मनु ने कहा था- ‘निशानेबाजी से पहले मैं मुक्केबाजी और थांग टा ( मणिपुरी मार्शल आर्ट) करती थी, मुझे अपने विरोधियों को मारना अच्छा लगता था.’

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