नेफ्यू रियो बने नागालैंड के मुख्‍यमंत्री, अमित शाह और सीतारमण शपथ ग्रहण में रहे मौजूद

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नई दिल्ली : नागालैंड के राज्यपाल पीबी आचार्य ने एनडीपीपी के वरिष्ठ नेता नेफ्यू रियो को प्रदेश के मुख्‍यमंत्री पद की शपथ दिलाई. नागालैंड में एनडीपीपी ने बीजेपी के समर्थन से सरकार बनाई है. यह शपथ ग्रहण समारोह कोहिमा लोकल ग्राउंड में आयोजित किया गया. इस दौरान सीएम नेफ्यू रियो के साथ 10 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली. इस शपथ ग्रहण समारोह में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह, रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू भी मौजूद रहे. ऐसा पहली बार हुआ है कि नगालैंड में किसी सरकार ने खुले मैदान में शपथ ली हो.
सीएम रियो को 16 मार्च तक या इससे पहले सदन में बहुमत साबित करने होगा. रियो के पास भाजपा के 12 विधायकों के, एक जदयू और एक निर्दलीय विधायक का समर्थन हासिल है. साथ में एनडीपीपी के 18 विधायक हैं. इससे पहले केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने भाजपा के महासचिव अरूण सिंह और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विसासोली लहोनगु के साथ राज्यपाल से मिलकर रियो का समर्थन करने वाला एक पत्र दिया था, जिस पर भाजपा के 12 विधायकों के हस्ताक्षर थे. भाजपा नेताओं ने राज्यपाल को सूचित किया कि वाई पट्टन को विधानसभा में भाजपा के विधायक दल का नेता चुना गया है.नेशनल पीपल्स पार्टी( एनपीपी) के प्रदेश अध्यक्ष एटो येथोमी ने कहा कि उन्होंने रियो को समर्थन देने वाला एक पत्र राज्यपाल को सौंपा है. हाल में खत्म हुए विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ एनपीएफ ने 26 सीटें जीती हैं. एनडीपीपी- भाजपा के गठबंधन ने 30 सीटें अपनी झोली में डाली हैं और उन्हें एनपीपी के दो विधायकों तथा एक जदयू और एक निर्दलीय का समर्थन हासिल है.शपथ- ग्रहण समारोह का स्थल इस मायने में भी महत्वपूर्ण है कि एक दिसंबर, 1963 को यहीं से तत्कालीन राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने नागालैंड राज्य के गठन की घोषणा की थी. नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी( एनडीपीपी) हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा के साथ मिलकर इस पूर्वोत्तर राज्य की सत्ता संभालने जा रही है. गठबंधन ने एनडीपीपी के वरिष्ठ नेता नेफ्यू रियो को मुख्यमंत्री चुना है.राज्य सरकार ने सूचना और जनसंपर्क विभाग के माध्यम से अखबारों में विज्ञापन जारी कर राज्य की जनता को शपथ- ग्रहण समारोह के लिए आमंत्रित किया है. अभी तक राज्य में शपथ- ग्रहण समारोह इतने बड़े स्तर पर आयोजित नहीं होता था और राज भवन के दरबार हॉल में मुख्यमंत्री तथा मंत्रिपरिषद को शपथ दिलाई जाती थी जिसमें वीवीआईपी, वीआईपी और शीर्ष नौकरशाह ही उपस्थित रहते थे. निवर्तमान मुख्यमंत्री टी आर जिलिआंग ने छह मार्च को राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा था, जिसे स्वीकार कर लिया गया. उन्होंने उन्हें वैकल्पिक इंतजाम होने तक पद पर बने रहने को कहा था.

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