नुकसान के बाद भी सेना LoC पर पीछे हटने के मूड में नहीं

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रजत पंडित, नई दिल्ली
भारत फिलहाल जम्मू-कश्मीर में सीमा के पास सटे इलाकों में सेना को हटाने नहीं जा रहा। पाकिस्तान की तरफ से बार-बार घुसपैठ की कोशिशों और सीजफायर उल्लंघन की घटनाओं के बाद भारतीय सेना भी सीमा (एलओसी) के पास अपनी सक्रियता बनाए रखेगी। हालांकि, सैन्य गोलीबारी में दोनों ही पक्षों के ग्रामीणों और जान-माल का नुकसान हो रहा है। इस नुकसान के बाद भी सेना फिलहाल पीछे नहीं हटने वाली है।हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को एक वरिष्ठ आर्मी ऑफिसर ने बताया, ‘इस वक्त सेना का दृढ़ विश्वास है कि हम पाकिस्तानी सेना पर दबाव बनाए रखें। पाक सेना पर हमारा दबाव तब तक रहेगा जह तक कि वहां की आर्मी खुद ही पीछे नहीं हटती। हम भी देखते हैं आखिर कब तक पाकिस्तान इस दबाव को झेलते हुए मोर्चे पर टिका रहता है। अभी के हालातों में हम किसी डीजीएमओ स्तर की चर्चा या फिर शांति बहाली के लिए पीछे नहीं हटने जा रहे हैं।’
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इस साल अब तक 490 बार पाकिस्तान की तरफ से एलओसी पर सीजफायर तोड़ा जा चुका है। इसके अलावा पाकिस्तान की तरफ से बार-बार घुसपैठ की भी कोशिश होती रहती हैं। हालांकि, भारत के इस रुख के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या आक्रामक रवैये के बाद पाकिस्तान की हरकतों में बदलाव आएगा। पाकिस्तान की तरफ से होने वाली घुसपैठ से भी पाक सेना को मदद मिलती रही है। जहां तक भारत का सवाल है कुछ इलाकों में स्थानीय नेतृत्व भी भारतीय सेना के लिए एक चुनौती है।
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एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘एलओसी के पास सेना की आक्रामक तैयारियों का ही नतीजा है कि अब तक 300 से 400 आतंकी एलओसी के रास्ते जम्मू-कश्मीर में घुसे, लेकिन उनमें से ज्यादातर को मार गिराया गया।’ भारतीय सेना ने एलओसी के पास के इलाके बलोनी, कलाल, केरन, डोडा जैसे इलाकों में पाकिस्तान चौकियों को भी गिराने में कामयाब रही है। एलओसी के पास भारतीय सेना की मुस्तैदी का नतीजा है कि 25 पाकिस्तानी सैनिकों के साथ कुछ नागरिकों की भी दोनों तरफ की गोलीबारी में मौत हुई।

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