मुंबई सीरियल धमाकों के 25 साल, इंसाफ की लड़ाई अब भी जारी

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मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई हमेशा से आतंकियों के निशाने पर रही है. मुंबई को अकसर नुकसान पहुंचाकर देश को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची गई हैं. देश की छवि को धूमिल करने के कई प्रयास हुए हैं. लेकिन देश ने और देशवासियों ने, खासकर मुंबईकरों ने सब साजिशों को नाकाम कर दिया है. 12 मार्च 1993 का वह दिन देश के इतिहास में काले धब्बे की तरह दर्ज है. इस दिन मुंबई में 12 बम धमाके हुए थे. इनमें 257 की मौत हो गई थी जबकि 700 से ज़्यादा ज़ख़्मी हो गए थे. इस मामले में लंबी गहन पड़ताल के बाद 100 आरोपी पहले ही दोषी क़रार दिए जा चुके हैं. इनमें से 12 को फांसी की सज़ा हो चुकी है. याक़ूब मेमन को भी फांसी हो चुकी है. 2012 से चल रहे केस में अब तक 64 नए गवाह पेश हो चुके हैं. कुल 686 गवाह पेश हो चुके हैं.
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फांसी की सजा पर सवालिया निशान…
दाऊद इब्राहिम, टाइगर मेमन समेत 33 अब भी फ़रार हैं. अबू सलेम, मुस्तफ़ा डोसा समेत मुख्य 7 आरोपी थे. बता दें कि सलेम को पुर्तगाल से डिपोर्ट कर लाया गया है. एक को बरी कर दिया गया था जबकि एक की मौत हो गई थी. अबू सलेम के साथ मुस्तफा दौसा, करीमुल्ला खान, फिरोज अब्दुल रशीद खान, रियाज सिद्दीकी, ताहिर मर्चेंट को दोषी करार दिया गया और अब्दुल कयूम को बरी किया गया है. पुर्तगाल से प्रत्यर्पण संधि होने के कारण कोर्ट सलेम को फांसी या आजीवन कारावास की सजा नहीं दे सकती है. उसे अधिकतम 25 साल तक की सजा दी जा सकती है. इसलिए अभी फांसी की सजा पर सवालिया निशान लगा है.
1993 ब्‍लास्‍ट से पहले संजय दत्त के घर जाकर उसे AK-47 और हैंड ग्रेनेड नहीं दिए : अबू सलेम
23 लोग बरी हुए थे…
दौसा को टाडा अधिनियम, हथियार कानून और विस्फोटक कानून के तहत अपराधों के अलावा आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत साजिश और हत्या के आरोपों पर दोषी ठहराया गया जबकि सलेम को धमाकों के लिए हथियारों को गुजरात से मुंबई लाने का दोषी पाया गया. वर्ष 2007 में पूरी हुए सुनवाई के पहले चरण में टाडा अदालत ने इस मामले में सौ आरोपियों को दोषी ठहराया था जबकि 23 लोग बरी हुए थे.
मुंबई बम धमाकों में 6 लोगों को दोषी करार दिया गया
अबू सलेम पर गुजरात से मुंबई हथियार ले जाने का आरोप है. सलेम ने अवैध रूप से हथियार रखने के आरोपी अभिनेता संजय दत्‍त को एके 56 राइफलें, 250 कारतूस और कुछ हथगोले 16 जनवरी 1993 को उनके आवास पर उन्हें सौंपे थे. दो दिन बाद 18 जनवरी 1993 को सलेम तथा दो अन्य दत्‍त के घर गये और वहां से दो राइफलें तथा कुछ गोलियां लेकर वापस आए थे.

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