मोदी-मैक्रों ने किया यूपी के सबसे सोलर पॉवर प्लांट का लोकार्पण

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दादर कलां गांव में बना यह सोलर पावर प्लांट विंध्य शृंखला की पहाडिय़ों में स्थित है। 380 एकड़ में फैले इस प्लांट में एक लाख, 18 हजार 600 सोलर पैनल लगाए गए हैं।
मीरजापुर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने आज मीरजापुर में उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े सोलर पॉवर प्लांट का लोकार्पण किया। सौ मेगावॉट का यह प्लांट फिलहाल 75 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेगा।
इस प्लांट के उदघाटन के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति की पत्नी ब्रिगिटी मैक्रों के साथ केंद्रीय मंत्री तथा मीरजापुर की सांसद अनुप्रिया पटेल व उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। पीएम मोदी तथा इमैनुअल मैक्रों ने बटन दबाकर प्लांट को ऊर्जित किया। यह प्लांट दादरकला में 650 करोड़ रुपए की लागत से बना है। दौरान कंपनी के अधिकारियों ने प्लांट की विशेषताओं के बारे में भी जानकारी दी।
दादर कलां गांव में बना यह सोलर पावर प्लांट विंध्य शृंखला की पहाडिय़ों में स्थित है। 380 एकड़ में फैले इस प्लांट में एक लाख, 18 हजार 600 सोलर पैनल लगाए गए हैं। यहां से उत्पादित बिजली पॉवर कारपोरेशन के जिगना उपकेंद्र को पारेषित की जाएगी। प्लांट प्रति माह 1.30 करोड़ यूनिट और प्रतिवर्ष 15.6 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन करेगा। इस सोलर पावर प्लांट की स्थापना फ्रांसीसी कंपनी के सहयोग से की गई है।
सोलर प्लांट का उद्घाटन 12 को, आ सकते हैं मोदी व फ्रांस के प्रेसीडेंट
प्रोजेक्ट ऑपरेटर प्रकाश कुमार के मुताबिक सूर्य की रोशनी के साथ एनर्जी जनरेट होगी और रोशनी खत्म होते प्लांट अपने आप बंद हो जाएगा। इस सोलर प्लांट में 3,18, 650 सोलर प्लेट्स हैं। हर सोलर प्लेट 315 वाट बिजली बनाएगी। 650 करोड़ रुपए की लागत से 382 एकड़ में यह प्लांट 18 महीने में बना। स्विच बंद करने या चालू करने की जरूरत नहीं होगी।
सोलर प्लांट को ग्रिड में जोड़ने की चल रही तैयारी
इस सोलर प्लांट सेे बिजली जिगना के 132 केवी पावर हाऊस को सप्लाई की जाएगी। मिर्जापुर ए और बी खंडों में बांटकर बिजली दी जाएगी। बची बिजली इलाहाबाद में सप्लाई होगी। मिर्जापुर के दादर कला गांव में बने इस प्लांट की सबसे खास बात ये कि इसे 382 एकड़ की पथरीली जमीन पर बनाया गया है। जिससे कृषि उत्पादित भूमि का नुकसान नहीं हुआ।
250 मजदूरों ने लगातार काम कर बनाया प्लांट
सोलर प्लांट 382 एकड़ पथरीली भूमि पर बनाया गया है। 250 मजदूरों ने लगातार काम करके सोलर प्लांट को बनाया है। 18 महीने में बनकर तैयार हुए प्लांट में 18 एक्सपर्ट्स लगे। इस प्लांट द्वारा 1.5 लाख घरों को प्रतिदिन बिजली देने की क्षमता है। 5 लाख यूनिट बिजली रोज उत्पादित होगी। प्लांट से 40 लाख यूनिट प्रतिदिन की खपत मिर्जापुर में है।

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