राज्यसभा चुनाव: बिहार से सभी दलों के प्रत्याशी तय, नामांकन आज

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आगामी 23 मार्च को बिहार की छह राज्‍यसभा सीटों के लिए चुनाव है। इसके लिए सभी दलों ने प्रत्‍याशी चुन लिए हैं। सोमवार को वे नामांकन दाखिल कर रहे हैं।
पटना । राज्यसभा की छह सीटों पर 23 मार्च को होने वाले चुनाव के लिए बिहार से सभी दलों ने अपने प्रत्याशी तय कर दिए हैं। एक ओर जहां भाजपा एवं राजद ने विधिवत घोषणा कर दी है, वहीं जदयू एवं कांग्रेस के प्रत्याशी भी तय कर लिए गए हैं। सिर्फ एलान बाकी है। सोमवार को नामांकन की आखिरी तारीख है। स्क्रूटनी मंगलवार को होगी। जिन दलों ने पर्दा नहीं उठाया है, अब उनके प्रत्याशी सीधे विधानसभा सचिवालय जाकर नामांकन पत्र भरेंगे।
राजद ने घोषित किए मनोज झा और करीम के नाम
रविवार को दिनभर राज्यसभा प्रत्याशियों को लेकर बिहार में अटकलबाजी चली। भाजपा ने अपने हिस्से की एक सीट के लिए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद की उम्मीदवारी का एलान पहले ही कर दिया था। रविवार शाम राजद ने भी अपने दोनों प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। राजद के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे एवं राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव ने प्रेस कान्फ्रेंस करके मनोज झा एवं अशफाक करीम के नामों का एलान किया।
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कांग्रेस ने पूर्व मंत्री अखिलेश प्रसाद सिंह की दावेदारी आगे की है। माना जा रहा है कि लालू प्रसाद से करीबी रिश्ता, अशोक चौधरी के दल बदलने के बाद पार्टी की जरूरतों एवं सामाजिक समीकरणों के हिसाब से अखिलेश सब पर भारी हैं। हालांकि कांग्रेस अपने कुछ विधायकों की निष्ठा को लेकर सशंकित है। इसलिए सबको एक रखने की कवायद पर काम भी दिन भर होता रहा।
जदयू ने गुप्त रखे प्रत्याशियों के नाम
जदयू ने देर रात तक अपने प्रत्याशियों से पर्दा नहीं हटाया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक उसके दो प्रत्याशी भी तय कर लिए गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह और महेंद्र प्रसाद उर्फ किंग महेंद्र की दावेदारी फाइनल सूची में शामिल है। सबकुछ सामान्य रहा तो सुबह में जदयू के दोनों प्रत्याशी भी पर्चा दाखिल करेंगे।
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दोनों गठबंधनों को मिलेंगी तीन-तीन सीटें
विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से दोनों गठबंधनों के हिस्से में तीन-तीन सीटें आसानी से आती दिख रही हैं। राजद एवं जदयू के खाते में दो-दो और भाजपा एवं कांग्र्रेस के खाते में एक-एक सीट आसानी से आ जाएगी। खाली होने वाली सभी छह सीटें सत्तारूढ़ गठबंधन की हैं। इस तरह राजद-कांग्र्रेस को तीन सीटों का फायदा होगा। कांग्र्रेस का बिहार से राज्यसभा में एक भी नुमाइंदा नहीं है। इस बार उसका भी खाता खुल जाएगा।
नहीं आ सकती मतदान की नौबत
दोनों गठबंधनों की तैयारी को देखते हुए माना जा रहा है कि छठी सीट के लिए सातवां उम्मीदवार नहीं खड़ा होने जा रहा है। सभी छह सीटों के लिए अगर सिर्फ छह प्रत्याशी ही पर्चा भरेंगे तो चुनाव की नौबत नहीं आएगी। भाजपा भी इसके पक्ष में नहीं है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार अभी तक किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया है। 13 को नामांकन पत्रों की जांच होगी। नाम वापसी की आखिरी तारीख 15 मार्च है। जरूरत पडऩे पर सुबह नौ से शाम बजे तक मतदान कराया जाएगा।
इनकी सीटें हो रहीं खाली
दो अप्रैल को खाली होने वाली सभी छह सीटों में जदयू की चार और भाजपा की दो सीटें हैं। इनमें जदयू के महेंद्र प्रसाद ऊर्फ किंग महेंद्र, अनिल सहनी, अली अनवर और वशिष्ठ नारायण सिंह तथा भाजपा के केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद एवं धर्मेंद्र प्रधान शामिल हैं।
रविशंकर चौथी बार बने प्रत्याशी
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद राज्यसभा के लिए चौथी बार चुने जाएंगे। सोमवार को पर्चा भरने से पहले पूर्वाह्न 11 बजे उनका भाजपा कार्यालय में स्वागत होगा। उसके बाद नामांकन के लिए वह विधानसभा सचिवालय जाएंगे। इस दौरान उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय समेत पार्टी के सभी मंत्री एवं विधायक मौजूद रहेंगे।

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