सरकारी बैंकों का स्पैशल ऑडिट करवाएगा RBI

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नई दिल्लीः पी.एन.बी. के बाद आर.बी.आई. ने तय किया है कि वह सरकारी बैंकों का विशेष ऑडिट करवाएगा। इसके तहत वह ट्रेड फाइनैंस में जारी की गई लैटर ऑफ अंडरटेकिंग (एल.ओ.यू.) पर विशेष ध्यान देगा। आर.बी.आई. ने सभी सरकारी बैंकों से इस संबंध में जानकारी उपलब्ध करवाने को कहा है।
सभी बैंकों से LOU डिटेल मांगी
आर.बी.आई. ने सभी सरकारी बैंकों से एल.ओ.यू. की डिटेल मांगी है। इसमें जारी एल.ओ.यू. और आऊटस्टैंडिंग अमाऊंट की जानकारी देने को कहा गया है। आर.बी.आई. ने साथ ही कहा है कि वे जब क्रैडिट गारंटी उपलब्ध करवाएं तो अपने पास जरूरी कैश जरूर रखें।
ज्यादातर घोटाला ट्रेड फाइनैंस से रिलेटिड
ज्यादातर बैंकिंग घोटाले ट्रेड फाइनैंस से जुड़े हुए हैं। पी.एन.बी. में हुआ घोटाला भी ऐसा ही है। इसके अलावा ज्यादातर विलफुल डिफाल्टर भी ट्रेड फाइनैंस से जुड़े हुए हैं। ऐसा ही हाल में हुए घोटाले में पी.एन.बी. के साथ भी हुआ है। पी.एन.बी. में एल.ओ.यू. के माध्यम से 12,646 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। इस घोटाले में फर्जी तरीके से एल.ओ.यू. जारी किए गए थे। इसी बात को ध्यान में रखते हुए आर.बी.आई. ने नए तरीके से जांच शुरू की है। पी.एन.बी. घोटाले के तुरंत बाद ओरिएंटल बैंक से जुड़ा हुआ एक फ्रॉड सामने आया है। इस बैंक से ज्वैलर द्वारका दास सेठ ने गलत तरीके से 389.85 करोड़ रुपए का लोन लिया था। इस मामले में सी.बी.आई. ने केस दर्ज कर लिया है। यह मामला 2007-12 के बीच का है। इसी तरह दिल्ली के कारोबारी ने भी बैंक ऑफ बड़ौदा से 2015 में घोटाला किया था। यह फ्रॉड 6 हजार करोड़ रुपए का है। इस मामले की जांच में सामने आया है कि ट्रेड लोन देने में कई तरह से मानकों का पालन नहीं किया गया है।

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